यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: वाराणसी में PWD ने लगाया है गलत साइन बोर्ड, पढ़ेंगे तो श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की बजाय पहुंच जाएंगे कचहरी
वाराणसी में लोक निर्माण विभाग (PWD) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने शहर में कई जगह ऐसे साइन बोर्ड लगा दिए हैं जो लोगों को गलत दिशा में ले जा रह ...और पढ़ें

HighLights
- कैंट जाने के लिए दाहिनी तरफ तीर का निशान जो लहुराबीर की तरफ जाता है
- गलत साइन बोर्ड के कारण श्रद्धालुओं भटकने को मजबूर
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी के विकास, सुंदरीकरण, लोगों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झोली खोल रखी है। इसके विपरीत स्थानीय प्रशासनिक मशीनरी ने इसे चौपट करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।
समय-समय पर ऐसा कारनामा कर देती है कि सरकार पर भी उंगली उठती है। अब लोक निर्माण विभाग ने ऐसा बोर्ड लगा दिया है कि उसे पढ़कर आगे बढ़े तो जाना है जाना है श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तो चले जाएंगे कचहरी। जागरण टीम ने ऐसे ही कुछ बोर्ड शहर में जगह-जगह देखे।
तेलियाबाग पर मरीमाई तिराहे पर लगा बोर्ड मलदहिया की तरफ से आने वालों को बता रहा है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम और काल भैरव मंदिर के लिए बाएं तरफ जाना होगा। कैंट जाने के लिए दाहिनी तरफ तीर का निशान है जो लहराबीर की तरफ जाता है। संकटमोचन तो सीधा तीर है जो कहीं नहीं जाता है।
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इसी प्रकार आइपी माल के सामने शास्त्री नगर के कोने पर लगा बोर्ड लगा दिया है। बाहर से आने वाला श्रद्धालु, पयर्टक, यात्री को अगर बीएचयू, संकटमोचन जाना है तो बाएं घूमकर शास्त्री नगर चला जाएगा। इसे तिराहे से आगे होना चाहिए था। ऐसी ही गलती चौकाघाट पर भी की गई है।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोगों ने बोर्ड लगाने का विरोध किया तो ठेकेदार को जहां जगह-मिली वहीं लगाकर चला गया। वैसे लोक निर्माण विभाग इसे ठीक करने को लेकर सक्रिय हो गया है।

मिंट हाउस तिराहे पर लगा कक्कड़ पेट्रोल पंप का साइन बोर्ड जो अस्तित्व में है ही नहीं।- जागरण
35 साल पहले बंद पंप का लगा दिया बोर्ड
सरकारी धन को सड़क फेंकने का एक उदाहरण मिंट हाउस चौराहे पर करीब एक वर्ष पूर्व लगा साइन बोर्ड भी है। इसपर लिखा है कक्कड़ पेट्रोल पंप .600 किलोमीटर। यह टीवी टावर के सामने स्थित उस पेट्रोल पंप के लिए साइन है जो लगभग 35 वर्ष पहले बंद हो गया। अब तो वहां उसका नामोनिशान भी नहीं है।
इतना ही नहीं एक बार यह बोर्ड टेढ़ा हो गया तो उसे हजारों रुपये का राजस्व खर्च कर फिर से ठीक भी करा दिया गया। कचहरी पेट्रोल पंप के पास ही लगा बोर्ड बता रहा है आगे पेट्रोल पंप है।
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गूगल मैप नेविगेशन पर भरोसा पड़ा भारी
पूरे शहर में डायवर्जन से बचने के लिए गूगल मैप नेविगेशन पर भरोसा करना कार चालकों को भारी पड़ गया। वह बनारस की तंग गलियों में झूझते रह गए। वैकल्पिक मार्ग के बजाय उन्हें जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, बाहरी गाड़ियों से दारानगर, नाटी इमली, मछोदरी, चेतगंज और सिगरा सहित अन्य इलाकों में भीषण जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। इससे लोग परेशान हो गए।