वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर से वाराणसी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, सीधे काशी स्टेशन तक होगी कनेक्टिविटी
केंद्र सरकार ने वाराणसी में वरुणा नदी तट पर 10,998.32 करोड़ रुपये के एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

रिंग रोड को कोइराजपुर में क्रॉस करता वरुणा एलिवेटेड रोड
HighLights
केंद्र सरकार ने वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को दी मंजूरी।
10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 43.218 किमी लंबा कॉरिडोर।
वाराणसी-बाबतपुर मार्ग से काशी स्टेशन तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। केंद्र सरकार ने वरुणा नदी तट पर एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। 43.218 किलोमीटर यह परियोजना काशी के विकास को नई दिशा देगी। इस पर कुल लागत 10,998.32 करोड़ है।
इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। वाराणसी की डीकन्जेशन प्लान (जाम मुक्ति योजना) के तहत यह कॉरिडोर एनएच-31 (वाराणसी-बाबतपुर) और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और बाधारहित कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि वरुणा एलिवेटड रोड वाराणसी-बाबतपुर मार्ग पर स्थित भटौती, लुच्चेपुर (हनुमान जी की सबसे बड़ी मूर्ति के पास) से शुरू होकर कोइराजपुर में वरुणा नदी पर पुल के पास रिंगरोड को क्रास करेगी। यहां पर चारों तरफ उतरने का रास्ता होगा।
एलिवेटेड कॉरिडोर वरुणा के किनारे-किनारे सहाबुद्दीनपुर, चमाव, पिसौर, भवानीपुर, दनियालपुर, फुलवरिया, कचहरी होते हुए चौकाघाट तक जाएगा। इसमें पिसौर, फुलवरिया और कचहरी पर उतरने का रास्ता होगा। चौकाघाट, संस्कृत विश्वविद्यालय पर यह लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के पास तक आएगा। इससे लहरतारा की तरफ कनेक्टिविटी मिलेगी। यहीं से यह एलिवेटेड पुराने जीटी रोड के ऊपर-ऊपर डाटपुल तक जाएगा। यहीं पर रेलवे काशी स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कर रहा है।
पूरे क्षेत्र को मिलेगा आर्थिक और क्षेत्रीय विकास
दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनामिक जोन), सोशल नोड (चंदौली) और छह मुख्य लॉजिस्टिक्स नोड्स तक पहुंच को आसान बनाकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। एयरपोर्ट से आने वाले बिना किसी व्यवधान के सीधे शहर तक पहुंचे सकेंगे। शहरी गतिशीलता को बढ़ावा मिलेगा।
शहर को मिलेगा विस्तार
इस एलिवेटेड रोड के बनने की वजह से शहर को विस्तार मिलेगा। विशेष रूप से पिसौर, दनियालपुर, भवानीपुर का क्षेत्र जो शिवपुर से गुजर रही लखनऊ रेल लाइन की वजह से विकास से कटा हुआ है उसका विस्तार होगा। इसी प्रकार रिंगरोड के आगे बाबतपुर, रामनगर के आगे पड़ाव, दुलहीपुर, मुगलसराय तक विस्तार होगा।
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लोगों को सुगम और कम समय में शहर तक पहुंचने की वजह से बसने में आसानी होगी। वरुणा के किनारे आसपास के इलाके रोजमर्या के जीवन की धूरी को गति देगा। यह एलिवेटेड छोटे-बड़े वाहनों के मिश्रित यातायात का सुगम माध्यम बनेगा।
12 वर्ष में सड़कों पर खर्च हुआ 25000 करोड़, यह परियोजना उससे भी अधिक
कमिश्नर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2014 में यहां से सांसद बनने के बाद से अब तक 12 वर्ष में मात्र सड़कों के निर्माण पर 25000 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। अब इस दोनों एलिवेटेड रोड के लिए ही 25445.96 करोड़ खर्च हो रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।