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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Almora Bus Accident: वर्ष 2018 में धूमाकोट बस हादसे में 48 यात्रियों की हुई थी मौत, नहीं लिया सबक

    Updated: Mon, 04 Nov 2024 11:00 PM (IST)

    Almora Bus Accident साल 2018 में धूमाकोट बस हादसे में 48 लोगों की मौत के बाद भी उत्तराखंड सरकार ने पहाड़ी इलाकों में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने ...और पढ़ें

    Almora Bus Accident : धूमाकोट बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत हुई थी। File Photo
    Almora Bus Accident : धूमाकोट बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत हुई थी। File Photo

    HighLights

    1. आज तक तहसीलों में सब इंस्पेक्टरों की नहीं हुई तैनाती
    2. संभागीय परिवहन विभाग में तैनात 31 एसआई नही पहुंचे पहाड़
    3. देहरादून, रुद्रपुर, हल्द्वानी, हरिद्वार में मिल गई तैनाती

    चंद्रशेखर द्विवेदी, अल्मोड़ा। Almora Bus Accident : सल्ट के दुर्घटनास्थल कूपी से कुछ ही दूरी पर वर्ष 2018 में धूमाकोट बस हादसे में 48 यात्रियों की मौत हुई थी। जिसके बाद सरकार हरकत में आई और तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहाड़ के सभी दुर्गम तहसीलों सहित मैदानी क्षेत्रों में संभागीय परिवहन विभाग के माध्यम से कुल 102 सब इंस्पेक्टर की तैनाती का निर्णय लिया। 31 सब इंस्पेक्टर तैनात भी हुए।

    जिनमें से 27 को पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती लेनी थी। लेकिन वह आज तक पहाड़ नहीं चढ़ पाए। सभी एसआई देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर में अपनी सेवाएं दे रहे है। वर्तमान में परिवहन विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है। इसके बाद भी सड़क सुरक्षा के लिए इन उप निरीक्षकों को पहाड़ नहीं भेजा गया। अगर इनकी तैनाती होती तो सल्ट में आज हुए हादसे को रोका जा सकता था।

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    जमीनी हकीकत बेहद भयावह

    सरकार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के दावे तो बड़े-बड़े करती है लेकिन जमीनी हकीकत बेहद भयावह है। पहाड़ में हादसों का कारण ओवरलोडिंग और चालक द्वारा शराब का नशा है। समय-समय पर होने वाली मजिस्ट्रेट जांच में भी यही तथ्य निकलकर सामने आए हैं। धूमाकोट हादसे के बाद पहाड़ में सड़क सुरक्षा के तहत ओवरलोडिंग और शराब को रोकने के लिए पहाड़ की दुर्घटना संभावित 27 दुर्गम तहसीलों व चार सुगम तहसीलों में संभागीय परिवहन विभाग ने मात्र 31 सब इंस्पेक्टरों की नियुक्ति की।

    इन सभी सब इंस्पेक्टरों को पहाड़ में ही तैनाती दी जानी थी ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसमें सल्ट क्षेत्र भी शामिल था जहां आज बस हादसा हुआ है। लेकिन नियुक्ति के बाद से यह सब इंस्पेक्टर कभी पहाड़ नहीं चढ़ पाए। इनको पहाड़ में तैनाती मिली ही नहीं। अभी लोग मैदानी क्षेत्रों हल्द्वानी, देहरादून, रुद्रपुर, हरिद्वार में सेवाएं दे रहे हैं।

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    अब इससे सरकार की पहाड़ में दुर्घटनाओं को लेकर नियत साफ दिख जाती है। सवाल यह है कि आखिर इन जिम्मेदार एसआई को मूल इस्थान पर तैनाती ना देने के लिए कौन जिम्मेदार है। मात्र अपने बचने के लिए सल्ट दुर्घटना के बाद सरकार की एक के बाद एक कार्रवाई अपनी जिम्मेदारी से बचना मात्र दिखाता है। अगर इन अधिकारियों को मूल स्थान में तैनाती मिल गई होती तो शायद सल्ट में आज का यह हादसा टाला जा सकता था।

    परिवहन विभाग, मुख्यमंत्री के पास है उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं पहलकर व्यापक नीति बताएंगे ताकि भविष्य में इन दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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    एसआई की मिली है एक बाइक व एक सिपाही

    जिन सब इंस्पेक्टर की संभागीय परिवहन विभाग में तैनाती हुई है उनको एक मोटरसाइकिल वह एक प्रवर्तन सिपाही भी मिला है। इन कर्मचारियों का काम तहसील क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करना है।

    एआरटीओ और चार सिपाही देखते हैं पूरा जिला

    पहाड़ के जिलों की परिवहन व्यवस्था संभागीय परिवहन विभाग में तैनात एक एआरटीओ व चार सिपाही देखते हैं। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों में सभी जगह पर एक बार में चेकिंग करना संभव नहीं है। जिस कारण चालक मनमानी करते हैं और ओवरलोडिंग और नशाखोरी दुर्घटना का कारण बनती है।

    अब 78 तहसीलों में रिक्त है पद

    प्रदेश में 109 तहसीलें हैं। जिनमें संभागीय परिवहन विभाग के माध्यम से एसआई की तैनाती होनी है। वर्तमान में मैदानी क्षेत्रों की 31 तहसीलों में सब इंस्पेक्टर तैनात है। 78 पद अभी भी रिक्त हैं।

    इन दुर्गम क्षेत्रों में होनी थी एसआई की तैनाती

    त्यूणी, यमकेश्वर, देवप्रयाग कीर्ति नगर, घनसाली, धनोल्टी, भटवाड़ी, बड़कोट, पुरोला, धारी, बेलालघाट, धुमाकोट, सल्ट, चंपावत, पाटी, जागेश्वर, सोमेश्वर, द्वाराहाट, कौसानी, धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, बीरोखाल, जोशीमठ, गोपेश्वर, गुप्तकाशी, श्रीनगर।

    सुगम स्थान में तैनाती

    डोईवाला, लक्सर, मुख्यालय

    102 तहसीलों में सब इंस्पेक्टरों की नियुक्ति होनी थी। वर्तमान में 31 एसआई को तैनाती हुई है। जिस कारण पहाड़ के तहसीलों में नहीं भेजे जा सके। - शनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त