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आपदा में मदद को उतरेगा उत्तराखंड के रवि टम्टा का ‘उड़न खटोला’, बढ़ाया मदद का हाथ

Updated: Wed, 02 Sep 2026 09:34 PM (IST)

रवि टम्टा ने अल्मोड़ा में प्राकृतिक आपदा के बीच अपने 'उड़ने वाले वाहन' से राहत-बचाव कार्य में सहयोग की पेशकश ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। जिले में भारी बारिश के कारण सामने आई प्राकृतिक आपदा और इससे प्रभावित लोगों की मुश्किलों के बीच तकनीक को मानवीय सेवा से जोड़ने की पहल सामने आई है।

हैपीडा स्काईनेक्स के संस्थापक रवि टम्टा ने आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव सहयोग करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनका उड़ने वाला वाहन केवल तकनीक और उड़ान का प्रदर्शन भर नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में जरूरत के समय लोगों तक मदद पहुंचाने का माध्यम भी बन सकता है।

आपदा के दौरान करेंगे तत्काल मदद

उड़ने वाले वाहन का प्रोटोटाइप बनाने वाले रवि टम्टा ने कहा कि अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति आपदा में फंसता है और उसे तत्काल मदद की आवश्यकता होती है, तो वह अपनी टीम और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से सहयोग करने का प्रयास करेंगे। विशेष रूप से उन दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी, जहां भूस्खलन, सड़क बंद होने या अन्य कारणों से राहत दलों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

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उन्होंने कहा कि आपदा राहत, रेस्क्यू और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में उड़ने वाली तकनीक का इस्तेमाल जरूरतमंदों तक तेजी से पहुंच बनाने में मददगार साबित हो सकता है। उनका उद्देश्य आपदा के कठिन समय में लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना और अनमोल जिंदगियां बचाने में अपना योगदान देना है।

रवि टम्टा की इस पहल को पहाड़ी क्षेत्रों में विकसित हो रही नई तकनीक के सामाजिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आपदा के दौरान यदि कहीं तत्काल मदद की जरूरत हो तो उनसे संपर्क किया जा सकता है। उनका कहना है कि तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मुश्किल वक्त में इंसानों के काम आए।

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