पिता मोटर मैकेनिक... कभी साइंस नहीं पढ़ी, फिर भी बनाई पहली उड़ने वाली कार! भरेगी 200 KM प्रति घंटा रफ्तार
Ravi Tamta Flying Car: उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रवि टम्टा की हर ओर चर्चा हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने स्वदेशी व्यक्तिगत उड़ान वाहन 'हपिड ...और पढ़ें
HighLights
अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने बनाई स्वदेशी उड़ने वाली कार
'हपिडा स्काईनेक्स' प्रोटोटाइप का सफल उड़ान परीक्षण किया गया
यह एक सीटर इलेक्ट्रिक हेलीकार है, 200 किमी/घंटा रफ्तार
जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। Almora News: अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने साइंस नहीं पढ़ी। वहीं उनके पिता मोटर मैकेनिक हैं। लेकिन उन्होंने मेहनत और लगन के बल पर आज अपनी एक सीटर इलेक्ट्रिक हेलीकार का सफल ट्रायल कर लिया है। जिस कारण वह रातों-रात चर्चा में आ गए हैं। रवि ने दावा किया है कि उड़ती हुई कार भारत में अभी तक किसी ने नहीं बनाई है।
पहले ट्रायल के दौरान वह करीब एक मिनट तक हवा में रहे। इस दौरान ड्रोन तकनीक के इस अपग्रेड मॉडल को देखने वालों की भीड़ जुट गई। आइए जानते हैं इसकी खासियत।
रवि टम्टा 'हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड'' के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने साइंस की पढ़ाई नहीं की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया से जानकारी लेकर कई आविष्कार किए। लेकिन उनका पर्सनल एयर व्हिकल 'हपिडा स्काईनेक्स' आज सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। प्रोटोटाइप का सफल ट्रायल कर रवि ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है।
2015 में देखा था उड़ने वाली कार का सपना
रवि टम्टा ने 2015 में उड़ते वाली कार का सपना देखा था। जिसके लिए उन्होंने हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई और 10 साल बाद ही उड़ने वाली कार बना दी।
- यह हेलीकार हवा में करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है।
- रवि ने चीन से अपनी उड़ती हुई कार के लिए जरुरी उपकरण भी खरीदे थे।
- तमिलनाडु के मद्रास से वह इंजन लेकर आए। जिसके बाद उन्होंने अपने घर में इसे बनाया।
- रवि का कहना है कि जल्द ही वह इसे पेटेंट कराएं और इसके संचालन आदि के लिए डीजीसीए से बात करेंगे।
पिता मोटर मैकेनिक
रवि ने जूनियर हाईस्कूल की पढ़ाई अपने गांव से की और नैनीताल परिसर से बीए से स्नातक किया है। उनके पिता हरीश राम मोटर मैकेनिक है। वह काफलीखान में ही वह कार्य करते हैं।
पहले भी कर चुके हैं इनोवेशन
- वन विभाग के लिए अग्निशमन यंत्र
- दिव्यांगों के लिए छड़ी
- स्टिक मोबाइल चार्जर
- हैपिडा पाइन पीट मशीन बनाई
- इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन
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