उत्तराखंड का नन्हा ट्रेकर: चार साल की उम्र में 4 हिमालयी ट्रेक किए पूरे, अब एवरेस्ट और एलब्रुस पर नजर
अल्मोड़ा के रियांश पंत ने अपने पर्वतारोही पिता से प्रेरणा लेकर कम उम्र में ही चार ऊंचे हिमालयी ट्रैक पूरे किए हैं।


समय कम है?
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जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। पहाड़ों से लगाव अगर जुनून में बदल जाए तो उम्र उसकी राह में बाधा नहीं बनती। अल्मोड़ा के रियांश पंत इसी जुनून की मिसाल हैं।
पर्वतारोही पिता राकेश पंत से विरासत में मिले पर्वत प्रेम को रियांश लगातार अपने साहस और मेहनत से आगे बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2027 में उनका लक्ष्य एवरेस्ट बेस कैंप के साथ यूरोप की 5642 मीटर सबसे ऊंची चोटी एलब्रुस का आरोहण करना है। रियांश प्रतिदिन करीब 10 किलोमीटर दौड़ते हैं, जिसे पूरा करने में उन्हें लगभग एक घंटा 17 मिनट लगता है।
इन ट्रेक को किया पूरा
रियांश ने महज चार वर्ष की उम्र में वर्ष 2020 में टिहरी गढ़वाल की 9915 फीट ऊंची नागटिब्बा रेंज में ट्रेकिंग कर अपने पर्वतीय सफर की शुरुआत की। उन्होंने करीब 20 किलोमीटर का यह ट्रेक दो दिन में पूरा किया। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्होंने 13,100 फीट ऊंची चोपता-चंद्रशिला की चुनौती पूरी की। करीब 26 किलोमीटर का यह ट्रेक उन्होंने चार दिन में पूरा किया।
इसी वर्ष रियांश ने 12,500 फीट ऊंची उत्तरकाशी जिले केदारकांठा और चमोली स्थित 12,516 फीट ऊंचे कुआरी पास की ट्रेकिंग भी सफलतापूर्वक पूरी की। करीब 24 किलोमीटर लंबे कुआरी पास ट्रेक को उन्होंने छह दिन में पूरा किया।
बच्चों के लिए बना प्रेरणा
रियांश की उपलब्धियां केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह संदेश भी देती हैं कि लक्ष्य तय कर नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ आगे बढ़ा जाए तो कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनके पर्वतीय सफर में साहस के साथ प्रकृति के प्रति प्रेम, फिटनेस और आत्मविश्वास की सीख भी छिपी है। एवरेस्ट बेस कैंप और एलब्रुस का सपना रियांश के लिए अगली बड़ी चुनौती है।
