उत्तराखंड में पर्वतारोहण के लिए खुलेंगी 20 और नई चोटियां, जल्द आएगी नई ट्रेकिंग नीति
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 नई पर्वत चोटियां पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोली जाएंगी। ...और पढ़ें

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HighLights
20 नई पर्वत चोटियां पर्वतारोहण-ट्रेकिंग हेतु खुलेंगी।
इसी माह नई ट्रेकिंग नीति लागू करने की तैयारी।
पर्यावरणीय ऑडिट के बाद चोटियां खोलने की प्रक्रिया तेज।
केदार दत्त, देहरादून। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू कश्मीर में ईकाे फ्रेंडली ट्रेल विकसित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद उत्तराखंड में भी साहसिक पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे है। पर्वतारोहण व ट्रेकिंग को बढ़ावा देने के लिए इसी माह ट्रेकिंग नीति लागू करने की तैयारी है। साथ ही राज्य में 20 नई पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण व ट्रेकिंग को खोलने की कवायद चल रही है। इसके लिए नई चोटियों का पर्यावरणीय आडिट कराया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को सौंपी गई है।
वर्तमान में राज्य में पर्वतारोहण व ट्रेकिंग को 83 चोटियां खुली हैं। यद्यपि, केंद्र ने वर्ष 2022 में 41 नई चोटियों को खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में मामला न्यायालय में चला गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नई चोटियों को खोलने से पहले इनका पर्यावरणीय प्रभाव आकलन कराने का आदेश दिया।
पीसीबी यह आकलन कर चुका है। अब न्यायालय के आदेश के बाद इनके संबंध में कदम उठाए जाएंगे। यही नहीं, इसी वर्ष केंद्र ने 20 और नई चोटियां पर्वतारोहण व ट्रेकिंग के लिए खोलने को हरी झंडी दी है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाल में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में नई चोटियों को खोलने से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने और पीसीबी को इनका पर्यावरणीय आडिट जल्द कराने के निर्देश दिए थे। पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार पर्यावरणीय ऑडिट के दृष्टिगत राज्य में स्थित वैज्ञानिक संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं। जल्द ही संस्थाओं का चयन किया जाएगा, ताकि यह कार्य शीघ्रता से पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।
नई ट्रेकिंग नीति इस माह के आखिर तक
पर्वतारोहण व ट्रेकिंग को व्यवस्थित, सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार नीति लाने जा रही है, जिसे वन विभाग अंतिम रूप दे रहा है। इसमें अनुमति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल बनाने के साथ ही सुरक्षा मानकों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस माह के आखिर तक यह नीति आ जाएगी।
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ये चाेटियां खुलेंगी
सिप्टन, आरवा, नारायण पर्वत, कुंटी भनार, माउंट नीलगिरि पर्वत, मांउट द्रुपद, लौंगस्टाफ, सुंदरढूंगा खाल, रालमधूरा पास, नंदा लपाक, द्रौपदी का डांडा, माउंट त्रिशूली, माउंट देवी मुकुट, माउंट कोेटेश्वर, माउंट श्वेत वन, माउंट चंद्र पर्वत, माउंट कालिंदी समेत 20 चोटियां।
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ये होंगे लाभ
- पर्वतारोहियों और ट्रेकर को मिलेंगे अधिक विकल्प।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ेंगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां।
- होम स्टे, गाइड, पोर्टर व परिवहन के क्षेत्र में खुलेंगे रोजगार के द्वार।