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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सांसद टम्टा का मोदी सरकार पर हमला, राफेल है मोदी सरकार का महाघोटाला

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Sat, 25 Aug 2018 09:25 AM (IST)

    राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राफेल मोदी सरकार का महा घोटाला है। ...और पढ़ें

    सांसद टम्टा का मोदी सरकार पर हमला, राफेल है मोदी सरकार का महाघोटाला
    सांसद टम्टा का मोदी सरकार पर हमला, राफेल है मोदी सरकार का महाघोटाला

    अल्मोड़ा, [जेएनएन]: राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि राफेल डील देश के रक्षा सौदे का सबसे बड़ा 40 हजार करोड़ से भी अधिक का घोटाला है। उन्होंने इसे मोदी सरकार का अब तक सबसे बड़ा महाघोटाला करार दिया। कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार के घोटालों का पर्दाफाश करेगी। घर-घर, गांव-गांव में इस राफेल डील महाघोटाले को ले जाया जायेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक प्राईवेट पूंजीपति को फायदा पहुंचा रही है, जो कि उसकी मंडली में शामिल है।

    पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदीप टम्टा ने प्रधानमंत्री पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि रक्षा खरीद प्रक्रिया अधिनियम 2005 के तहत सभी विदेशी कंपनियों को रक्षा करार का एक हिस्सा भारत में निवेश करना था, जो नहीं हुआ। सरकार इसे छिपाना चाह रही है। राफेल लड़ाकू जेट का प्रौद्योगिकी हस्तानांतरण नहीं हो रहा है। इस पर भी सरकार स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है।

    भारतीय वायुसेना ने इस विमान में कुछ अपनी जरूरतों के मुताबिक विशेष प्रकार की तबदीली की मांग की थी ताकि अपने हथियार उसमें लगाये जा सकें। सरकार इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं करना चाहती और न ही चर्चा करना चाहती है। इसका सीधा अर्थ है कि ये लड़ाकू विमान क्लोस सिस्टम की तरह होगा, जिसमें हथियार भी फ्रांस से ही खरीद कर लगाने की बाध्यता होगी। उन्होंने कहा कि विमान के मूल्य निर्धारण या मोल-भाव में भी मोदी सरकार झुक गई और भारत की गरिमा से खिलवाड़ किया।

    फ्रांस जिस विमान को यूपीए शासनकाल में 428 करोड़ डॉलर में देने को तैयार था अब वह यह शर्त रखता है कि मिस्र व कतर जैसे देशों को उसने जिस मूल्य पर करार किया है उसी मूल्य पर ही भारत को भी विमान देगा। ऐसी क्या मजबूरी है कि फ्रांस हमारी तुलना मिस्र और कतर जैसे देश से कर रहा है और हमारी सरकार उस पर भी चुप है।

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    इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, जिलाध्यक्ष पीतांबर पाण्डेय, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, राजेंद्र बाराकोटी, बिट्टू कर्नाटक आदि मौजूद थे। 

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