अल्मोड़ा में सड़क न होने से फिर गई जान: बीमार महिला को डोली से पहुंचाया मुख्य मार्ग, दिल्ली में तोड़ा दम
सल्ट के जाख ग्रामसभा के पणचूरा गांव में सड़क न होने के कारण एक बीमार महिला गीता देवी को समय पर इलाज नहीं मिल सका और दिल्ली में उनकी मृत्यु हो गई। ...और पढ़ें

सड़क के अभाव में सल्ट के पणचूरा गांव में बीमार गीता देवी को डोली में सड़क तक ले जाया गया, जिसकी दिल्ली में मौत हो गई।
HighLights
पणचूरा गांव में सड़क न होने से बीमार महिला की मौत
गीता देवी को डोली से 3.5 किमी पैदल मुख्य सड़क तक ले जाया गया
अस्पताल पहुंचने में देरी के कारण दिल्ली में तोड़ा दम
संवाद सहयोगी, सल्ट (रानीखेत)। सड़क के अभाव से जूझ रहे जाख ग्रामसभा के पणचूरा गांव की बीमार महिला को जान गंवानी पड़ी।
रोड न होने और लगातार वर्षा के चलते उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर उसे डोली से साढ़े तीन किमी पैदल सफर तय कर भैरंगखाल मुख्य रोड तक पहुंचाया गया।
वहां से निजी वाहन से पहले रामनगर फिर गुरुग्राम और बाद में सफदरजंग दिल्ली ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जाख वही ग्रामसभा है, जहां की कुछ दिन पूर्व बुजुर्ग महिला का पैर टूटने पर खटिया को स्ट्रेचर बना उन्हें सड़क तक पहुंचाया गया था।
पणचूरा गांव के शंकर सिंह गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में काम करते हैं। बड़ी बेटी वहीं रहकर पढ़ती है और पत्नी गीता गांव के घर में। ग्रामीणों के अनुसार गीता देवी का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा था।
वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थीं। रोड के अभाव में और वर्षा के कारण उसे चिकित्सालय नहीं पहुंचाया जा सका।
जब हालत ज्यादा ही बिगड़ने लगी तो गांव के खुशाल सिंह, दीपक सिंह, जगत सिंह आदि डोली पर बैठा गीता देवी को साढ़े तीन किमी पैदल सफर तय कर सड़क तक लाए।
अस्पताल पहुंचने तक देरी के कारण रविवार को गीता देवी ने दिल्ली में दम तोड़ दिया। स्वजन के अनुसार गीता देवी काफी समय से अस्वस्थ थी। उनका ऋषिकेश एम्स में भी उपचार चल रहा था।
यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा में गोरक्षा के नाम पर क्रूरता: बिना पंजीकरण खेत में बनाई दो गोशाला, भूख से दम तोड़ रहे जानवर
यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा में झमाझम बारिश: 14 राज्य मार्ग बंद, पांच घंटे बाद खुली द्वाराहाट-चौखुटिया सड़क