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    हिमालय की गोद में सुकून का ठिकाना: बागेश्वर के मजुवा टाप में आस्था, रोमांच और प्रकृति का संगम

    Updated: Fri, 01 May 2026 06:27 PM (IST)

    बागेश्वर का मजुवा टाप हिमालय की गोद में स्थित एक शांत स्थल है, जो भीषण गर्मी से राहत, प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक शांति और रोमांच का अनूठा संगम प्रद ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित मजुवा टाप।

    उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित मजुवा टाप।

    HighLights

    1. पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित, प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच

    2. संकटहर महादेव मंदिर, ध्यान गुफाएँ, आध्यात्मिक शांति का केंद्र

    3. होमस्टे सुविधा, कुमाऊँनी व्यंजन, बागनाथ मंदिर के दर्शन

    घनश्याम जोशी, बागेश्वर। अगर आप मैदानी क्षेत्रों की भीषण गर्मी से कुछ पल सुकून पाने की तलाश में हैं, तो उत्तराखंड में बागेश्वर जिले का मजुवा टाप आपका इंतजार कर रहा है। यहां हिमालय की विराटता, आस्था की गहराई और प्राकृतिक सुंदरता के संग रोमांच का एहसास भी है।

    पिंडारी ग्लेशियर मार्ग पर स्थित यह स्थल आपको शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की शांति में ले जाता है। यहां सूर्योदय की पहली किरणें और सूर्यास्त के रंग जीवन को नए अर्थ दे जाते हैं।

    Sankathar Mahadev Temple and Cave located at Majuwa Top near Karmi village in Bageshwar

    कपकोट तहसील के कर्मी गांव के समीप स्थित मजुवा टाप से हिमालय की विस्तृत और मनोहारी पर्वत शृंखलाओं का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

    साफ मौसम में बर्फ से ढकी चोटियां किसी सजीव चित्रकला का आभास कराती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ यह स्थल धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां स्थित संकटहर महादेव मंदिर क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का केंद्र है।

    मान्यता है कि नानतिन बाबा ने यहां तपस्या कर मंदिर की स्थापना की थी। प्रत्येक वर्ष श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रोमांच प्रेमियों के लिए यह क्षेत्र विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पिंडारी ग्लेशियर जाने वाला ट्रैक मार्ग यहीं से होकर गुजरता है। पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा शुरू हो गई है, जोकि 15 जून तक चलेगी

    Amazing view of Majuwa Top near Karmai village of Bageshwar

    ध्यान-योग के लिए पांच गुफाएं, ठहरने को होम स्टे

    मजुवा टाप क्षेत्र में पांच गुफाएं निर्मित की गई हैं, जहां पर्यटक ध्यान और योग साधना कर सकते हैं। प्राकृतिक शांति और एकांत के कारण यह स्थान साधकों के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।

    आध्यात्मिक पर्यटन के लिहाज से यह स्थल भविष्य में बड़ी पहचान बना सकता है। कर्मी गांव में पर्यटकों के ठहरने के लिए होमस्टे की सुविधा है।

    ऐसे पहुंचें मजुवा टाप

    किसी शहर से आप काठगोदाम और हल्द्वानी तक रेल व बस सेवा से पहुंच सकते हैं। यहां से अल्मोड़ा होते हुए 162 किलोमीटर दूर बागेश्वर तक बस, टैक्सी से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद टैक्सी से कपकोट पहुंचना होगा।

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    वहां से कर्मी गांव के पास मजुवा टाप स्थित है। हल्द्वानी से गरुड़ तक हेली सेवा भी शुरू हो चुकी है। बागेश्वर से कर्मी गांव की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब तीन घंटे लगते हैं।

    beautiful lake located on Majuwa Top near Karmai village of Bageshwar

    कुमाऊनी व्यंजनों का चखें स्वाद

    यहां पर होम स्टे की सुविधाएं हैं, जहां आपको घर जैसा महसूस होगा। ठहरने के साथ ही आप रूटीन दाल-सब्जी, रोटी के अतिरिक्त कुमाऊंनी व्यंजनों में मडुवे की रोटी, तिमुल की सब्जी, भट की चुड़कानी आदि का स्वाद चख सकते हैं।

    बागेश्वर में बागनाथ के भी कर सकते हैं दर्शन

    अगर आपके पास समय है तो आप बागेश्वर मुख्यालय में बागनाथ मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यह सरयू और गोमती नदियों के पवित्र संगम पर स्थित भगवान शिव के व्याघ्रेश्वर स्वरूप को समर्पित धाम है।

    इसका वर्तमान स्वरूप कुमाऊं नरेश लक्ष्मी चंद द्वारा 15वीं शताब्दी में निर्मित माना जाता है। महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है। परिसर में भैरव, दत्तात्रेय, गंगा माई, हनुमान, दुर्गा, कालिका सहित अनेक मंदिर स्थित हैं।

    प्रशासन और पर्यटन विभाग समन्वित प्रयास करें तो मजुवा टाप न केवल कपकोट बल्कि पूरे देश के लिए नई पहचान बन सकता है। प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक शांति और साहसिक रोमांच का अनूठा संगम समेटे यह स्थल आज भी अपने सुनहरे भविष्य की प्रतीक्षा कर रहा है।
    - खीम सिंह बिष्ट, स्थानीय नागरिक

    मजुवा टाप को पर्यटन मानचित्र से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पूर्व में प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है। यह अत्यंत रमणीक स्थल है, जहां धार्मिक और साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।

    -पीके गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर

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