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    बदरीनाथ धाम: जर्जर हो चुकी सिंहद्वार की छत का मरम्मत कार्य शुरू, ASI की टीम ने संभाला मोर्चा

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 04:59 PM (IST)

    बदरीनाथ धाम के भव्य सिंहद्वार की जर्जर छत की मरम्मत का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शुरू कर दिया है। ...और पढ़ें

    बदरीनाथ धाम।

    बदरीनाथ धाम।

    HighLights

    1. बदरीनाथ सिंहद्वार की जर्जर छत की मरम्मत शुरू

    2. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कर रहा है कार्य

    3. पानी रिसाव से हो रहे नुकसान को रोकने का प्रयास

    देवेंद्र रावत, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार की क्षतिग्रस्त छत का मरम्मत कार्य पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने शुरू कर दिया है।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की टीम ने निरीक्षण और अध्ययन के बाद पाया कि सिंहद्वार की छत पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और उससे पानी रिसकर बेसमेंट में पहुंच रहा है। ऐसे में उसकी मरम्मत बेहद जरूरी हो गई थी।

    Badrinath Temple Roof

    देश-दुनिया में बदरीनाथ धाम की पहचान उसके भव्य सिंहद्वार से ही होती है। सिंहद्वार से ही यात्रियों का प्रवेश मंदिर में होता है। उसके ऊपर यम दीप जलाने की धार्मिक परंपरा भी है। पिछले एक दशक से सिंहद्वार की दीवारों पर लगे पत्थरों के बीच दरार आने चर्चा हो रही थी।

    इसके अलावा भूतल में नमी रहने से भूधंसाव के कयास भी लगाए जा रहे थे। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने वर्ष 2023-24 में इसके अध्ययन के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार के साथ एएसआइ को पत्र लिखा था।

    Badrinath Temple Roof repair work

    इस पर दिल्ली से एएसआइ के अतिरिक्त महानिदेशक के नेतृत्व में टीम ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर सिंहद्वार का अध्ययन किया।

    तब टीम ने सिंहद्वार की दीवारों पर पत्थरों के बीच आए गैप को प्रथम दृष्ट्या स्वीकार नहीं किया। लेकिन, इसकी जांच के लिए पत्थरों के बीच आए गैप में नट बोर्ड व पट्टी के माध्यम से ग्लास सिलिप (शीशे की लंबी सीट) लगा दी गई।

    एएसआइ की टीम ने बदरीनाथ महायोजना के तहत भूतल में नमी के साथ दीवारों में गैप व हल्की दरारों को लेकर अपनी रिपोर्ट भेजी थी। साथ ही सिंहद्वार के ऊपर ढांचे को जर्जर बताया था, जो लकड़ी, टिन आदि से बना हुआ है।

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    बताया गया कि यहीं से पानी रिसने से भूतल में नमी के साथ दीवारों पर पत्थरों के बीच लगी सामग्री को नुकसान पहुंच रहा था। पीएमओ के निर्देश के बाद अब एएसआइ सिंहद्वार के ऊपरी छत की मरम्मत कर रहा है।

    सिंहद्वार के ऊपर छत की लकड़ियां पूरी तरह सड़ चुकी हैं, इसलिए उनकी मरम्मत जरूरी हो गई थी। मरम्मत के बाद सिंहद्वार अपने पारंपरिक स्वरूप में ही नजर आएगा।

    -मोहन चंद्र जोशी, पुरातत्वविद, एएसआइ

    सिंहद्वार के छत की मरम्मत का कार्य एसएसआइ की ओर से किया जा रहा है। इस पर खर्च होने वाली धनराशि भी एएसआइ की कार्ययोजना में शामिल है।
    - सोहन सिंह रांगड़, सीईओ, बीकेटीसी

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