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    बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी: प्रमोद नौटियाल ने अकेले की गिनती, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 02:23 PM (IST)

    बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती अकेले वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल द्वारा करने का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

    जिन तीन कार्मिकों को रहना था गिनती के दौरान मौजूद, उन्हें नहीं दी गई थी इसकी जानकारी।

    जिन तीन कार्मिकों को रहना था गिनती के दौरान मौजूद, उन्हें नहीं दी गई थी इसकी जानकारी।

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    संक्षेप में पढ़ें

    देवेंद्र रावत, गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया गया कि दो जुलाई को धाम में जब चढ़ावे की गिनती हो रही थी, तब उन तीन कार्मिकों को उसमें शामिल नहीं किया गया, जिनका मौके पर मौजूद रहना अनिवार्य था।

    इस दौरान आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल अकेले ही गिनती स्थल पर मौजूद थे। उनकी तस्वीर मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाकर ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुई है। उनका निलंबन हो चुका है, जबकि उक्त तीनों कार्मिकों से मंदिर समिति ने नोटिस देकर जवाब मांगा है।

    10 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश

    दो जुलाई को वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर दान-चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लगने पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर 10 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए थे।

    जांच में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि जब थाली भेंट के पांच पात्रों में रखी राशि की गिनती शुरू की गई, तब वहां सिर्फ वैयक्तिक सहायक ही मौजूद था। इससे पूर्व पांचों दान पात्रों को सहायक मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण ने गिनती स्थल पर खाली कराकर यथास्थान पहुंचाया था। इसके बाद वह वहां से लौट गए थे।

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    बताया गया कि गिनती के लिए मंदिर के वरिष्ठ सहायक प्रशासनिक अधिकारी, सहायक मंदिर अधिकारी व लेखा लिपिक को भी वैयक्तिक सहायक के साथ मौजूद रहना था, लेकिन वैयक्तिक सहायक ने अकेले ही गिनती का कार्य कराया। मंदिर समिति की ओर से इन तीन कार्मिकों को पहले ही नोटिस देकर जवाब मांगा जा चुका है। सीसीटीवी कैमरे में भी इन कार्मिकों की अनुपस्थिति दर्ज है।

    नियमानुसार गिनती की निगरानी को बाकायदा कर्मचारियों-अधिकारियों की तैनाती होती है। साधु-संत व श्रद्धालु भी स्वेच्छा से गिनती में सहयोग कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए गिनती की निगरानी के लिए तैनात अधिकारियों की सहमति जरूरी है।

    सूत्रों के अनुसार कमेटी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि चढ़ावे की गिनती में जिन तीन कार्मिकों को शामिल किया जाना था, उन्हें इसकी सूचना दी भी गई अथवा नहीं। कमेटी कपाट खुलने के बाद से ही दान-चढ़ावे के दस्तावेजों को भी खंगाल रही है। बताया गया कि मंदिर समिति के सीईओ को भी जांच से दूर रखा गया।

    लैपटाप व कंप्यूटर का मिला रिकार्ड

    बदरीनाथ धाम में बैंकों की ओर से दिए गए आठ लैपटाप का रिकार्ड मिल गया है। बताया गया कि वर्ष 2023-24 व 25 में बैंकों की ओर से आठ लैपटाप व 16 कंप्यूटर दान में दिए गए थे, जिसका रिकार्ड मंदिर समिति कार्यालय में मौजूद है।

    ये लैपटाप तत्कालीन मंदिर समिति के पदाधिकारियों व अधिकारियों को बदरीनाथ व देहरादून कार्यालय के लिए दिए गए थे। जबकि कंप्यूटर को संस्कृत विद्यालयों समेत अन्य कार्यालयों में लगाए गए हैं। यह भी बताया जा रहा कि मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद लैपटाप वापस नहीं लौटाया।

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