बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: कब क्या-क्या हुआ? खुलासे से लेकर गिरफ्तारी तक का पूरा घटनाक्रम
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को देहरादून से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ...और पढ़ें

बदरीनाथ धाम।
HighLights
मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल 12 जुलाई को गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज में नोट छिपाते हुए पकड़ा गया
मंदिर कर्मियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस अनिवार्य
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला इसी महीने दो जुलाई को सामने आया था। इसके बाद मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल (पूर्व वैयक्तिक सहायक, BKTC) को छह जुलाई को निलंबित कर दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज में मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाने की पुष्टि होने के बाद एसआईटी ने 12 जुलाई की रात आरोपित नौटियाल को को देहरादून से गिरफ्तार कर 14 दिन की जेल भेज दिया है।
इस घटना के बाद मंदिर समिति ने कर्मियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस अनिवार्य कर दी है। आइए जानते हैं इस मामले में कब क्या-क्या हुआ।

कब-क्या हुआ
2 जुलाई
- बदरीनाथ धाम में नगद चढ़ावे और सोने-चांदी की गिनती के दौरान हेराफेरी की बात सामने आई। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर लगे आरोप।
3 जुलाई
- भैरव सेना की ओर से समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ को हेराफेरी की लिखित शिकायत दी गई। मंदिर समिति ने विभागीय जांच के आदेश दिए। चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई।
4 जुलाई
- आरोपित वैयक्तिक सहायक को गणना व प्रोटोकाल की जिम्मेदारी से हटाया।
5 जुलाई
- हेराफेरी में संदिग्ध वैयक्तिक सहायक को समिति के देहरादून कार्यालय से संबद्ध किया।
6 जुलाई
- समिति की जांच में यह बात सामने आई कि दो जुलाई को प्रमोद नौटियाल अकेले ही गिनती स्थल पर मौजूद था। उसकी तस्वीर मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाकर ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुई है।
6 जुलाई
- वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल निलंबित। शासन ने मंडलायुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई।
8 जुलाई
- बदरीनाथ धाम चढ़ावा गणना की दशकों पुरानी परंपरा में बदलाव किया गया। अब ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों को बिना जेब की ड्रेस पहनकर अनिवार्य रूप से गणना स्थल पर मौजूद रहना होगा। थाली भेंट गणना स्थल पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों की संख्या एक से बढ़ाकर तीन कर दी गई।
8 जुलाई
- वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध बदरीनाथ थाने में रिपोर्ट दर्ज, एसपी चमोली की ओर से एआइटी गठित।
9 जुलाई
- एसआइटी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सिर्फ डेढ़ माह का सीसीटीवी रिकार्ड ही सुरक्षित। मंदिर समिति कर्मचारियों के बयान दर्ज।
10 जुलाई
- बीकेटीसी की ओर से गठित चार सदस्यीय टीम की जांच पूरी। आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के पांच दिन में आठ बार सोने-चांदी की दान वस्तुओं व चढ़ावे में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई। साथ ही कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली।
12 जुलाई
- मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल को रात में देहरादून स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया गया।
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