Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड : चमोली में भालू ने ग्रामीण पर किया हमला, हेलीकाप्टर से घायल को भेजा गया एम्स ऋषिकेश

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 07:51 PM (IST)

    चमोली जनपद के खुनाणा गांव में साल के पहले दिन एक भालू ने ग्रामीण केसर सिंह पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को ...और पढ़ें

    नंदानगर विकासखंड के खुनाणा गांव में भालू के हमले में गंभीर घायल को हेलीकाप्टर से एम्स ले जाती टीम। जागरण

    नंदानगर विकासखंड के खुनाणा गांव में भालू के हमले में गंभीर घायल को हेलीकाप्टर से एम्स ले जाती टीम। जागरण

    HighLights

    1. चमोली के खुनाणा गांव में भालू ने ग्रामीण पर हमला किया।

    2. घायल केसर सिंह को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।

    3. ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग की।

    संवाद सहयोगी, जागरण, गोपेश्वर: चमोली जनपद में भालुओं के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को साल के पहले ही दिन नंदानगर विकासखंड के खुनाणा गांव में भालू ने एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकाप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।

    झाड़ियों में छिपे भालू ने किया हमला

    जानकारी के अनुसार खुनाणा गांव के केसर सिंह दोपहर एक बजे गांव की ओर जा रहे थे, तभी जूनियर हाई स्कूल से लगभग सौ मीटर की दूरी पर झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस दौरान केसर सिंह भालू से भिड़ गए और शोर मचाने लगे, जिससे भालू वहां से भाग गया। हालांकि तब तक भालू उन्हें गंभीर रूप से घायल कर चुका था।

     हेलीकाप्टर से एम्स ऋषिकेश भिजवाया

    सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण केसर सिंह को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर करने की सलाह दी। इस पर प्रशासन स्तर पर इसके लिए समन्वय किया गया। प्रशासन से मंजूरी मिलते ही घायल को हेलीकाप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।

    ग्रामीणों में बनी हुई है दहशत 

    वहीं घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और भालू की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। प्रशासन और वन विभाग को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- भालू को सामने देख नहीं हारी हिम्मत, गुत्थम-गुत्था की लड़ाई में दी मात; ग्रामीण ने बचाई अपनी जान

    यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में आतंक मचाने वाला काला हिमालयन भालू देहरादून चिड़ियाघर में, सेब और अमरूद का ले रहा स्वाद