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    चमोली में पहाड़ खिसकने से थमे पहिए, कर्णप्रयाग-सिमली सहित आधा दर्जन से ज्यादा रास्ते ठप

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 04:46 PM (IST)

    चमोली के कर्णप्रयाग और सिमली क्षेत्रों में लगातार बारिश से भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण कई मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। इससे ग्रामीणों की आवाजाही और पेय ...और पढ़ें

    बोल्डर गिरने से यातायात हुआ प्रभावित।

    बोल्डर गिरने से यातायात हुआ प्रभावित।

    HighLights

    1. लगातार बारिश से कर्णप्रयाग-सिमली में कई मोटर मार्ग बंद।

    2. भूस्खलन और मलबा गिरने से आवागमन व पेयजल प्रभावित।

    3. क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत व मलबा हटाने का कार्य जारी।

    संवाद सूत्र, कर्णप्रयाग/सिमली। लगातार हो रही वर्षा के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र में ग्रामीण और राजमार्गों पर भूधसाव और मलबा गिरने से मोटर मार्गों का बंद होना जारी है। रविवार रात हुई मूसलाधार वर्षा से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग के किमी तीन में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पर किमी तीन में तीस मीटर सड़क पहाड़ी से गिरे बोल्डर से वाश आउट हो गई है वहीं, स्टेट हाईवे धारडुंग्री-मैखुरा-सोनला पिछले दो सप्ताह से वाहनों के संचालन के लिए बंद पड़ा है।

    लोनिवि ने सूचना मिलने पर मलबा हटाने का कार्य मशीनों से शुरू किया, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों ने जेसीबी आपरेटर के लिए खतरा उत्पन्न कर दिया है, जिससे मार्ग खुलने में बाधा आ रही है। पिछले दो वर्षों से किमी तीन और धारडुंग्री में कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मार्ग ग्रामीणों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है।

    24 किमी लंबे इस मोटर मार्ग पर खस्ताहाल सुधार कार्य, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और डामरीकरण का कार्य एक दशक से न होने के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है। सोमवार को मार्ग बंद रहने से सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग से आवाजाही हुई। अब पहाडी को काट कर यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव सिंह ने कहा कि बदहाल मोटर मार्ग और कर्णप्रयाग में बहुगुणानगर के ट्रीटमेंट को लेकर इस मार्ग पर आवागमन बंद कर वैकल्पिक मार्ग डिम्मर-सिमली से आवाजाही को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इस संबंध में आठ अगस्त को जस्यारा में आम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें ग्रामीण अपनी समस्याएं रखेंगे।

    नंदप्रयाग-घाट-सुतोल कनोल और सिमली-सैनू मोटर मार्ग भी प्रभावित रहे हैं। कर्णप्रयाग-कालूसैंण, आदिबदरी-नौटी, मालई गौचर-सिदोली, सुगडबैंड-सिलपाटा, कर्णप्रयाग-नौटी, कांसुवा-चांदपुरगढी, बगोली-स्यान, डिम्मर-सिमली मोटर मार्गों पर भी चार से छह घंटे वाहनों का संचालन मलबा आने से बंद रहा।

    सिमली क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अधिकांश लिंक मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। रविवार रात की बारिश से टटासू-सैण-रयाल-बांगड़ी-केलापानी-सुमल्टा मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गया है। ग्राम प्रधान कोलाडुंग्री सुशील खंडूडी ने बताया कि एक सप्ताह से बंद पड़े इस मार्ग से आधा दर्जन से अधिक गांवों की जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    दरारें आने से आवाजाही खतरे में

    सिमली-डिम्मर मोटर मार्ग भी टटासू पुल के पास चट्टान खिसकने और पिंडर तट से हो रहे कटाव के कारण चार घंटे तक बंद रहा। मलबा हटाने के बाद पीएमजीएसवाई द्वारा इसे चार घंटे बाद बहाल किया गया, लेकिन इस दौरान टटासू गधेरे से जाने वाली पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे टटासू, विद्यापीठ, शिव मंदिर, न्यू डिम्मर और टौण में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है।

    पीएमजीएसवाई के जेई सुधीर कुमार ने बताया कि वर्षा के कारण मार्गों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। विभाग की जेसीबी मशीनों से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारू की जा रही है। वर्षा थमने के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की स्थाई मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।

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