चमोली के ऐरठा गांव में सड़क नहीं, बीमार महिला को डंडी-कंडी से पहुंचाया अस्पताल
चमोली के देवाल ब्लॉक स्थित ऐरठा गांव में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों ने एक बीमार महिला हिमंती देवी को पांच किलोमीटर डंडी-कंडी से अस्पताल पहुंचाया। ...और पढ़ें

देवाल विकासखंड के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ऐरठा से बीमार महिला को पालकी बनाकर चिकित्सालय लाते ग्रामीण। जागरण

समय कम है?
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संवाद सूत्र, देवाल (चमोली)। विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों के कई गांवों में सड़क की सुविधा न होने से बीमार लोगों व गर्भवती महिलाओं को सड़क मार्ग तक पहुंचाना चुनौती से कम नहीं है।
ऐरठा गांव की एक बीमार महिला को पांच किलोमीटर डंडी-कंडी की पालकी बनाकर ग्रामीणों ने सड़क मार्ग तक पहुंचाया।
विकासखंड के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ऐरठा निवासी हिमंती देवी पत्नी खड़क राम लम्बे समय से बीमार है।
गुरुवार को अचानक तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो ग्रामीण पूरन राम, भवान राम, दिनेश राम, रमेश राम, प्रताप राम, राजेंद्र कुमार, कुवर राम, त्रिलोक राम, गणेशी देवी, कांति देवी, रमा देवी, विमला देवी, दीपा देवी, हरूली देवी, पदम राम आदि ने डंडी-कंडी में रखकर पांच किलोमीटर पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रोबिन कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि ऐरठा गांव में मोटर मार्ग नहीं बनने से ग्रामीण आज भी पैदल चलने को मजबूर हैं।
आए दिन ग्रामीणों को बीमार लोगों व गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के सहारे ही सड़क मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है।
वर्ष 2021 में पदमला-कजेरू-ऐरठा के लिए आठ किमी मोटर सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है।