यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चारधाम यात्रा सिर पर, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं
चारधाम यात्रा शुरू होने के लिए कुछ दिन शेष रह गए हैं। मगर श्री बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रमुख पड़ाव जोशीमठ में चिकित्सा सुविधाएं बदहाल पड़ी ...और पढ़ें

जोशीमठ, चमोली [जेएनएन]: चारधाम यात्रा शुरू होने के लिए कुछ दिन शेष रह गए हैं। मगर श्री बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रमुख पड़ाव जोशीमठ में चिकित्सा सुविधाएं बदहाल पड़ी हैं। साफ है कि इस वर्ष भी धाम में आने वाले यात्रियों को इस बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाएगी।
जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 80 हजार की आबादी निर्भर है। इसके अलावा यात्राकाल के दौरान भी लाखों यात्री यहां आते हैं। मगर जोशीमठ में लंबे समय से चिकित्सा सुविधा बदहाल बनी है। जोशीमठ सीएचसी की बात करें तो तीन साल से अधिक समय से अल्ट्रासाउंड कक्ष व एक्सरे मशीन पर ताले लटके हुए हैं। सीएचसी में पुरानी एक्सरे मशीन खराब होने के चलते लगभग सालभर पूर्व नई एक्सरे मशीन खरीदी गई थी। मरीजों को अल्ट्रासाउंड व एक्सरे के लिए हजारों रुपये खर्च करने के साथ मीलों चलकर निजी चिकित्सालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। स्थानीय जनता लंबे समय से अव्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन कर रही हैं। मगर सरकार चिकित्सा सुविधा सुधारने की जहमत नहीं उठा पा रही है।
सीएचसी के हैं बुरे हाल
-स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी जोशीमठ में मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में खून की जांच नहीं हो पा रही है। यहां तैनात टेक्नीशियन का अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया था। जिसके बाद यहां ब्लड बैंक कक्ष पर भी ताले लटके हुए हैं।
नया भवन भी बना शो पीस
-जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 16 लाख की लागत से एक्सरे मशीन संचालन के लिए भवन बनकर तैयार हो गया है। परंतु रेडियोलॉजिस्ट, टेक्नीशियन न होने के चलते अभी भवन को उपयोग में नहीं लिया जा रहा है।
चिकित्सकों का भी है टोटा
-सीएचसी जोशीमठ में डॉक्टरों के 14 पद स्वीकृत हैं। इनमें से आठ पद लंबे समय से खाली हैं।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
स्थानीय निवासी हरीश भंडारी का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो साल से अधिक समय से एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं चल रही है। लंबे समय से इनको संचालित करने की मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए कई बार आंदोलन भी किए जा चुके हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते भी यह अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गया है।
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क्या कहते अधिकारी
सीएमओ (चमोली) डॉ. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि जोशीमठ सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन को संचालित करने के लिए डीजी हेल्थ से अनुमति मांगी गई है। सीएचसी में संविदा पर नियुक्त सर्जन अल्ट्रासाउंड का संचालन करेंगे। एक्सरे मशीन को संचालित करने के लिए लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति को लेकर शासन से पत्राचार किया गया है।