बदरीनाथ में जम रहा पानी, PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का काम बंद; कड़ाके की ठंड के कारण 450 मजदूर घरों को लौटे
प्रधानमंत्री मोदी की बदरीनाथ महायोजना का काम कड़ाके की ठंड के कारण दो महीने के लिए रोक दिया गया है। धाम में पानी जमने और अत्यधिक ठंड के चलते 450 से अध ...और पढ़ें

बदरीनाथ धाम में शेष नेत्र झील में जमा पानी ।साभार अजय कृष्ण मेहता
HighLights
कड़ाके की ठंड से बदरीनाथ महायोजना का काम रुका।
पानी जमने के कारण 450 से अधिक मजदूर लौटे।
मार्च के पहले सप्ताह में काम फिर से शुरू होगा।
देवेंद्र रावत, जागरण, गोपेश्वर (चमोली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बदरीनाथ महायोजना के कार्यों की रफ्तार पर कड़ाके की ठंड ने ब्रेक लगा दिए हैं। दो महीनों के लिए महायोजना का काम रोक दिया गया है।
ठंड का आलम यह है कि यहां पानी भी जम रहा है। ऐसे में धाम में काम कर रहे 450 से अधिक मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं। लोक निर्माण विभाग मार्च के शुरुआती सप्ताह में कार्य फिर से शुरू करने की उम्मीद जता रहा है। तीन चरणों की इस महायोजना में अब तक धाम में 225 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य हो चुके हैं।
पहले चरण में सड़कों का विस्तार, झीलों के सुंदरीकरण के साथ अंदरुनी रास्ते सिविक एनिमिटी, टूरिस्ट मैनजमेंट सेंटर का निर्माण किया जा चुका है। दूसरे चरण में रिवर फ्रंट के कार्य, पुलों का निर्माण, ईवी ट्रेक के निर्माण के साथ चिकित्सालय निर्माण, तीर्थ पुरोहित आवास का निर्माण किया जा रहा है।
तीसरे चरण में मंदिर के 75 मीटर गोलाकार में सुंदरीकरण का कार्य होना है। हालांकि इसके लिए अभी 22 लोगों से भवन खाली करने का विवाद चल रहा है। इस कारण मंदिर के आस-पास भवनों का मलबा हटाने का कार्य अधूरा पड़ा है।
इस बीच ठंड में इजाफा होने से परियोजना निर्माण कार्यों में लगी कंपनियों के अधिकारियों और श्रमिकों के सामने मुश्किलें आ रही थीं। नतीजतन उन्होंने यहां से जाना उचित समझा।
इस कारण पीआईयू के अधिकारियों व महायोजना का कार्य कर रही गावर कंस्ट्रक्शन, महालक्ष्मी, गौतम कंस्ट्रशन, एलइसटेलर, सीपी साल्यूशन आदि कंपनियों ने कार्य को समेटना शुरू कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग पीआईयू के प्रोजेक्ट इंचार्ज योगेश मनराल का कहना है कि बदरीनाथ धाम में भले ही बर्फ नहीं है, लेकिन तापमान में भारी गिरावट है। ऋषिगंगा सहित आस पास के तालाब स्रोतों का पानी जम रहा है। फिलहाल दो माह कार्य को बंद कर मार्च के प्रथम सप्ताह में फिर से कार्य शुरू करने की रणनीति बनाई गई है।
खबरें और भी
माणा तक हाईवे सुचारु
बदरीनाथ धाम में बर्फबारी न होने के चलते बदरीनाथ हाईवे माणा तक सुचारु है। इससे महायोजना के कार्य के देखरेख के साथ सीमा पर आवाजाही सुचारु बनी है।
अगर तीन सालों का अवलोकन करें तो दिसंबर अंत में बर्फबारी के बाद जनवरी में बदरीनाथ धाम में बर्फ की सफेद चादर बिछ जाती थी।
पिछले तीन सालों में जनवरी प्रथम सप्ताह में बदरीनाथ महायोजना का कार्य बर्फबारी के चलते स्थगित किया जाता रहा है।
यह भी पढ़ें- Snowfall In Kedarnath: इंद्र देव ने बाबा केदार का किया हिमाभिषेक, केदारनाथ में दूसरे दिन भी हुई हल्की बर्फबारी
यह भी पढ़ें- Snowfall In Kedarnath: उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी