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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rishikesh Karnprayag Rail Project: 6.32 किमी लंबी निकास सुरंग आर-पार, 16 हजार करोड़ की परियोजना पर एक नजर

    Updated: Thu, 26 Dec 2024 03:52 PM (IST)

    Rishikesh Karnprayag Rail Project ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में चमोली जिले में रानौ से सेवई के बीच 6.32 किमी लंबी निकास सुरंग का निर्माण पूरा हो ...और पढ़ें

    Rishikesh Karnprayag Rail Project: रेल परियोजना की 6.32 किमी लंबी निकास सुरंग आर-पार। जागरण
    Rishikesh Karnprayag Rail Project: रेल परियोजना की 6.32 किमी लंबी निकास सुरंग आर-पार। जागरण

    HighLights

    1. चमोली जिले में रानौ से सेवई के बीच इस सुरंग की खोदाई में लगा तीन वर्ष नौ माह का समय
    2. अधिकारियों-कर्मचारियों ने बड़े दिन पर मिली इस सफलता का मिठाई बांटकर मनाया उल्लास

    संवाद सूत्र, जागरण, गौचर (चमोली)। Rishikesh Karnprayag Rail Project: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर चमोली जिले में रानौ (गौचर) से सेवई के बीच 6.32 किमी लंबी निकास सुरंग की खोदाई का कार्य पूरा हो गया।

    अब मुख्य सुरंग निर्माण के कार्य में भी आएगी तेजी

    सुरंग के आरपार होने पर कार्यदायी कंपनी एचसीसी-डीबीएल (संयुक्त उद्यम) के अधिकारियों-कर्मचारियों ने बड़े दिन पर मिष्ठान वितरित कर उल्लास मनाया। निकास सुरंग का कार्य पूरा होने से अब मुख्य सुरंग निर्माण के कार्य में भी तेजी आएगी।

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    तीन वर्ष, नौ माह में पूरा हुआ खोदाई का कार्य

    मुख्य परियोजना प्रबंधक अजीत सिह यादव, महाप्रबंधक हेमेंद्र कुमार और वरिष्ठ प्रबंधक राजेश रे ने बताया कि निकास सुरंग का निर्माण मेसर्स एचसीसी-डीबीएल (संयुक्त उद्यम) की ओर से किया जा रहा है। बताया कि सुरंग की खोदाई का कार्य तीन वर्ष, नौ माह में पूरा हुआ। वर्ष 2021 में इस पर कार्य शुरू हुआ था।

    परियोजना के समय पर पूरा होने की दिशा में बड़ा कदम

    वरिष्ठ प्रबंधक राजेश रे ने बताया कि बड़े दिन (क्रिसमस) पर मिली है, जिससे खुशी दोगुना हो गई। यह सफलता टीमों के तकनीकी कौशल, विशेषज्ञता और समर्पण को दर्शाती है।

    यह रेल परियोजना के समय पर पूरा होने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। कहा कि परियोजना के पूर्ण होने पर कनेक्टिविटी तो सुधरेगी ही, बेहतर परिवहन सुविधा भी मिल पाएगी। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, सो अलग।

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    रेल परियोजना में सुरंगों की प्रगति

    • सुरंग-कुल लंबाई-अब तक हुई खोदाई
    • मुख्य-103.805 किमी-89 किमी
    • निकास-97.600 किमी-89.36 किमी
    • क्रास पैसेज-7.050 किमी-5.18 किमी
    • एडिट-4.822 किमी-4.822 किमी

    रेल परियोजना पर एक नजर

    • कुल लागत 16,216 करोड़ रुपये
    • वर्ष 2019 में शुरू हुआ कार्य, वर्ष 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य
    • कुल लंबाई 126 किमी
    • 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी 105 किमी लाइन
    • सबसे लंबी सुंरग 14.08 किमी (देवप्रयाग से जनासू के बीच)
    • सबसे छोटी सुरंग 200 मीटर (सेवई से कर्णप्रयाग के बीच)
    • 11 सुरंगों की लंबाई छह किमी से अधिक
    • वीरभद्र, योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर, गौचर व कर्णप्रयाग (सेवई) में 13 स्टेशन बनने हैं।

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