बर्फबारी के बीच फूलों की घाटी में वन विभाग की गश्त: नहीं मिली कोई अवैध गतिविधि, जैव विविधता भी सुरक्षित
वन विभाग का पांच सदस्यीय दल विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का गश्त कर सुरक्षित लौट आया है। ...और पढ़ें
HighLights
पांच सदस्यीय दल फूलों की घाटी का गश्त कर लौटा
घाटी में कोई अवैध गतिविधि या अतिक्रमण नहीं मिला
तीन फीट से अधिक बर्फ जमी, जैव विविधता सुरक्षित
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में बर्फबारी के बीच वन विभाग का पांच सदस्यीय दल गश्त कर लौट आया है। बता दें कि एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोली जाती है।
वन विभाग की निरीक्षण टीम को यहां किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग की टीम घाटी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर सुरक्षित लौट आई है। इस फूलों की घाटी में तीन फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है।
तीन अप्रैल को नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के पांच सदस्यीय टीम फूलों की घाटी का गश्त करने गई, लेकिन मौसम के अनुकूल न रहने पर टीम पहले दिन घांघरिया ही तक पहुंच पाई। बताया कि दोपहर बाद क्षेत्र में वर्षा व बर्फबारी हुई। टीम ग्लेशियर प्वाइंट को पार कर संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंची।
इस दौरान अवैध शिकार, अतिक्रमण और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की संभावना की पड़ताल की गई, लेकिन कहीं भी कोई अनियमितता नहीं मिली। घाटी की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक स्थिति का भी आकलन किया गया।
गोविंदघाट रेंज की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के संकेत नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि घाटी में जैव विविधता सुरक्षित है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है। साथ ही कैमरे भी सुरक्षित है।
बताया कि फूलों की घाटी में तीन फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। फूलों की घाटी पैदल मार्ग पर बामणधौड व घूसा गदेरे में हिमखंड पसरे हुए हैं। बताया कि रेकी टीम निरीक्षण कर सुरक्षित वापस लौट आई है।