उत्तराखंड में सरकारी अस्पताल के हाल: बिजली गई तो ऑक्सीजन मशीन के लिए नहीं चलाया जनरेटर, बुजुर्ग महिला की मौत
लोहाघाट उपजिला अस्पताल में 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, आरोप है कि बिजली गुल होने पर ऑक्सीजन मशीन के लिए जनरेटर नहीं ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, लोहाघाट । उपजिला अस्पताल में भर्ती 79 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत के बाद शनिवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
स्वजन ने आरोप लगाया कि महिला की मौत से ठीक पहले अस्पताल की बिजली गुल हो गई थी और ऑक्सीजन मशीन का संचालन करने के लिए जनरेटर चलाने की मांग करने पर कर्मचारियों ने तेल नहीं होने की बात कहकर टालमटोल की। मामले की सूचना मिलते ही विधायक, ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंच गए। बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
दो हफ्ते पहले कराया था भर्ती
ग्राम पंचायत सुंई पऊ निवासी 79 वर्षीय नंदी देवी पत्नी स्वर्गीय ईश्वरी दत्त, लंबे समय से बीमार थीं। उन्हें करीब दो सप्ताह पहले उपचार के लिए लोहाघाट उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह परिजन उन्हें घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनकी मौत हो गई। स्वजन का आरोप है कि अंतिम समय में बिजली चली गई थी।
उन्होंने ऑक्सीजन मशीन चलाने के लिए कक्ष निरीक्षक से जनरेटर चालू करने का अनुरोध किया, लेकिन कर्मचारी ने जनरेटर में तेल नहीं होने की बात कही। उनका दावा है कि इसी दौरान महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना पर कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी समर्थकों और ग्रामीणों के साथ अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि अस्पताल में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, हालांकि उन्होंने चिकित्सकों के कार्य की सराहना करते हुए व्यवस्था संबंधी खामियों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। हंगामे की सूचना पर एडीएम के.एन. गोस्वामी, सीएमओ डा. देवेश चौहान, चिकित्सा अधीक्षक डा. विराज राठी, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, दर्जा राज्यमंत्री सुभाष बगौली सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे।
खबरें और भी
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. विराज राठी ने बताया कि महिला पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थीं और शनिवार को परिजन उन्हें घर ले जा रहे थे। इस दौरान स्वजन को एक ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था, जबकि इससे पहले एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी दिया गया था। उन्होंने कहा कि जनरेटर को लेकर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं।
जनरेटर की जांच में उसमें पर्याप्त मात्रा में डीजल पाया गया है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देवेश चौहान ने कहा कि बुजुर्ग महिला की मौत के मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।