उत्तराखंड से जयपुर और कानपुर के लिए चलेंगी AC स्लीपर BUS, परिवहन निगम को मिलीं इतनी अनुबंधित बसें
उत्तराखंड परिवहन निगम लंबी दूरी के यात्रियों के लिए पहली बार वातानुकूलित (एसी) स्लीपर कोच बसों का संचालन करेगा। पहले चरण में छह एसी स्लीपर बसें अनुबंध ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा की चाह रखने वाले लंबी दूरी के यात्रियों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम पहली बार वातानुकूलित (एसी) स्लीपर कोच बसों का संचालन करने जा रहा है। इनमें यात्री आराम से लेटकर सोते हुए यात्रा कर सकेंगे। पहले चरण में छह एसी स्लीपर कोच बसों को अनुबंध पर लिया गया है, जिनमें चार बसें देहरादून से कानपुर और जयपुर जबकि दो बसें हल्द्वानी से जयपुर संचालित होंगी।
इसके अतिरिक्त दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद, गुरुग्राम व लखनऊ के लिए परिवहन निगम 20 अनुबंधित एसी डीलक्स बसों का संचालन करेगा। टू-बाई-टू सीट वाली इन बसों का किराया वोल्वो बस के मुकाबले कम होगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। गुरुवार से बसें दून पहुंचना शुरू हो गईं।
वर्तमान में परिवहन निगम केवल दिल्ली, गुरुग्राम, चडीगढ़ व कटरा मार्ग पर सुपर डीलक्स वोल्वो बसों का संचालन कर रहा है। इन बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में ढाई से तीन गुना अधिक है। पहले निगम जनरथ एसी (थ्री-बाई-टू सीटर) बसों का संचालन भी दिल्ली मार्ग पर कर रहा था, लेकिन करीब पांच साल पूर्व अनुबंध खत्म होने पर इनका संचालन बंद हो गया।
एसी जनरथ बसों में करनी पड़ रही यात्रा
ऐसे में उन यात्रियों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एसी जनरथ बसों में यात्रा करनी पड़ रही है, जो साधारण बस से नहीं जाना चाहते और वोल्वो का किराया उनकी जेब को अधिक भारी लगता है। यही नहीं, वर्तमान में देहरादून से लखनऊ, कानपुर, लखीमपुर, बरेली, दिल्ली समेत गुरुग्राम, जयपुर, आगरा, कटरा, अमृतसर आदि के लिए निजी डग्गामार बसों का संचालन भी काफी हो रहा है। यह बसें एसी व डीलक्स स्लीपर कोच होती हैं और इनका किराया परिवहन निगम की बसों के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में यात्री इन बसों में अधिक रुचि ले रहे हैं।
खबरें और भी
लगातार घट रही यात्री संख्या को देखते हुए और आर्थिक घाटे को कम करने के लिए परिवहन निगम भी अब जल्द एसी स्लीपर कोच और एसी डीलक्स बसें संचालित करेगा। परिवहन निगम ने पहले चरण में 26 बसों को अनुबंध पर लिया है, जिनमें एसी बसों की आपूर्ति शुरू हो गई है। निगम के महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने बताया कि स्लीपर बसें जयपुर व कानपुर के लिए जबकि एसी बसें दिल्ली, आगरा व अन्य शहरों के लिए संचालित की जाएंगी। परिणाम बेहतर आए तो इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।