देहरादून : जौनसार का पांरपरिक जूडौ पहनकर आचार्य बालकृष्ण ने किया लोक नृत्य
आचार्य बालकृष्ण ने जौनसार के साहिया में पारंपरिक जूडौ पहनकर लोक नृत्य में हिस्सा लिया, जिससे दर्शक आकर्षित हुए। हमेशा सफेद वस्त्रों में दिखने वाले आचा ...और पढ़ें

साहिया में गौ संरक्षण सेवा समिति की ओर से आयोजित द्वितीय वार्षिक सम्मेलन में पहुंचे पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आचार्य बालकृष्ण जौनसार के पहनावे में तलवार लेकर लोक नृत्य करते हुए। जागरण
HighLights
आचार्य बालकृष्ण ने जौनसार के पारंपरिक जूडौ में नृत्य किया।
उनकी प्रतिभा और सादगी ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
स्थानीय लोगों ने साहिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया।
भगत सिंह तोमर, जागरण साहिया। आयुर्वेद विशेषज्ञ व पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने जौनसार के पारंपरिक जूडौ को पहनकर पारंपरिक लोक नृत्य में हिस्सा लिया।
उनकी इस प्रतिभा ने दर्शकों को आकर्षित किया। हमेशा सफेद वस्त्रों में दिखने वाले आचार्य लोकनृत्य में लोगों के साथ झूम उठे।
आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद, योग और वेदों के ज्ञाता हैं। आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार में स्वामी रामदेव के साथ मिलकर पतंजलि को वैश्विक पहचान दी है।
उन्होंने आयुर्वेद जड़ीबूटी रहस्य जैसी पुस्तकें लिखीं और च्यवनप्राश, अश्वगंधा जैसे उत्पादों से लाखों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया। उनके सरल जीवन, जड़ी-बूटियों पर शोध और जैव विविधता संरक्षण के प्रयास प्रेरणादायक हैं।
साहिया पहुंचने पर उनका स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और लोग उत्साहित नजर आए।
इस मौके पर आचार्य विजय कृष्ण महाराज, आचार्य विपिन जोशी, एसएमआर पीजी कालेज के चैयरमैन अनिल तोमर, पूर्व आइपीएस जगत राम जोशी, विपीन जोशी, सिताराम चौहान, श्याम सिंह राठौर, लुदर सिंह चौहान, चतर सिंह चौहान, बलवीर सिंह चौहान, पूरण सिंह खन्ना आदि मौजूद रहे।