देहरादून में रैपिडो पर शिकंजा, निजी दोपहिया से सवारी ढोने पर सख्ती
देहरादून में परिवहन विभाग ने रैपिडो बाइक टैक्सी के अवैध संचालन पर सख्त कार्रवाई की है। राजपुर रोड पर एक यात्री की मौत के बाद विभाग ने निजी दोपहिया वाह ...और पढ़ें

अवैध बाइक टैक्सी संचालन तुरंत बंद करने के निर्देश, परिवहन विभाग ने जारी किया नोटिस। प्रतीकात्मक

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अंकुर अग्रवाल, देहरादून। दून में ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए रैपिडो कंपनी को अवैध संचालन तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी (नान-ट्रांसपोर्ट) श्रेणी के दोपहिया का किराये पर सवारी ढोने के लिए इस्तेमाल मोटरयान अधिनियम के तहत पूरी तरह अवैध है। कंपनी
को राजपुर रोड पर सड़क हादसे में हुई यात्री की मौत के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी की ओर से रैपिडो संचालित करने वाली कंपनी रोपेन ट्रांसपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जारी नोटिस में कहा गया है कि पहले भी कंपनी को ऐसे संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्लेटफार्म पर निजी श्रेणी के दोपहिया वाहनों को सवारी ढोने के लिए जोड़ा गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
विभाग ने कहा कि कंपनी ने अपने जवाब में यह स्वीकार किया था कि प्लेटफार्म पर नान-ट्रांसपोर्ट दोपहिया वाहन संचालित हो रहे हैं और उन्हें व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित करने के लिए समय मांगा गया था। लेकिन मोटरयान अधिनियम 1988 या लागू नियमों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके तहत अवैध संचालन को जारी रखते हुए समय दिया जा सके।
परिवहन विभाग के अनुसार यह संचालन मोटरयान अधिनियम की धारा-66 (वैध परमिट के बिना परिवहन वाहन का संचालन) और धारा-93एफ (एग्रीगेटर के लाइसेंस व संचालन) का उल्लंघन है। इसके साथ ही यह उत्तराखंड आन-डिमांड (आइटी आधारित) कान्ट्रैक्ट कैरिज नियम-2020 और उसके संशोधित नियम-2024 के भी विरुद्ध है। नोटिस में कंपनी को तत्काल प्रभाव से ऐसे सभी अवैध संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आगे किसी भी दुर्घटना या कानूनी परिणाम की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि राज्य में यात्रियों की सुरक्षा और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
28 फरवरी को हुई थी यात्री की मौत
रैपिडो को भेजे गए नोटिस में विभाग ने 28 फरवरी को राजपुर रोड पर हुए एक हादसे का भी जिक्र किया गया है। इस दुर्घटना में निजी वाहन (यूके-17 जेड 5912) से रैपिडो के जरिए बुक की गई सवारी की मौत हो गई थी। विभाग ने कहा कि यह वाहन निजी श्रेणी का था और प्लेटफार्म के माध्यम से चलाया जा रहा था, जिससे यात्री की मृत्यु हुई। परिवहन विभाग का कहना है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया एग्रीगेटर की जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि उसने अपने प्लेटफार्म पर ऐसे वाहन को संचालन की अनुमति दी जो व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकृत नहीं था।