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    एडीजी ने दिखाए तेवर, देहरादून में एक दिन में दर्ज हुए रिकॉर्ड 51 साइबर ठगी के मामले

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:41 AM (GMT+05:30)

    प्रधानमंत्री की समीक्षा के मद्देनजर पुलिस को साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं, जिसमें करीब 1.35 करोड़ र ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. एडीजी के निर्देशों के बाद साइबर ठगी पर पुलिस सख्त हुई

    2. देहरादून में एक दिन में 51 साइबर ठगी के केस दर्ज

    3. करीब 1.35 करोड़ रुपये की ठगी के मामले सामने आए

    जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में साइबर अपराधों के मामलों में अब पुलिस का रुख पूरी तरह सख्त नजर आने लगा है। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून (एडीजी) डॉ. वी मुरुगेशन के कड़े निर्देशों के बाद साइबर ठगी के मामलों में मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया में तेजी आई है।

    प्रधानमंत्री स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठक को देखते हुए प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि साइबर ठगी से संबंधित कोई भी शिकायत लंबित न रहे और प्रत्येक पात्र मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। इन निर्देशों का असर पहले ही दिन देखने को मिला।

    जनपद में रविवार को 20 मुकदमे दर्ज किए गए थे वहीं सोमवार को एक ही दिन में साइबर ठगी से जुड़े रिकार्डतोड़ 51 मुकदमे दर्ज किए गए।

    प्रधानमंत्री की समीक्षा को देखते हुए साइबर ठगी के सभी मुकदमे दर्ज करने के निर्देश

    इन मामलों में साइबर अपराधियों ने करीब 1.35 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस अब इन सभी मामलों की जांच तेज करते हुए आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    एक दिन में दर्ज हुए रिकॉर्ड तोड़ 51 मुकदमे

    सूत्रों के अनुसार, एडीजी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पीड़ितों की शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, तकनीकी जांच और धनराशि रिकवरी की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए। साथ ही 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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    करीब 1.35 करोड़ की ठगी के केस दर्ज

    पुलिस मुख्यालय का मानना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज होने से जांच में तेजी आती है और ठगी गई रकम को फ्रीज या रिकवर करने की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि सभी जिलों को लंबित शिकायतों की समीक्षा कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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    इन मामलों में अधिक बढ़ोत्तरी

    मौजूदा समय में ऑनलाइन ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, कस्टमर केयर फ्राड, यूपीआई धोखाधड़ी और इंटरनेट मीडिया के जरिए ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय साइबर अपराधों के खिलाफ 'जीरो टालरेंस' की नीति अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर रहा है।

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    अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए तकनीकी जांच, अंतरराज्यीय समन्वय और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से कार्रवाई की जा रही है।