यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में मदरसों के संचालन को बाहर से फंडिंग! अब होगी जांच, सीएम धामी ने दिए निर्देश
Uttarakhand News अवैध रूप से चल रहे मदरसों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित सभी अपंजीकृत मदरसों की जांच के निर्देश दिए है ...और पढ़ें

HighLights
- राज्य में अवैध रूप से चल रहे मदरसों की जांच के निर्देश
- सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनाई गई समिति करेगी जांच
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में अवैध रूप से चल रहे मदरसों की जांच के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में पुलिस तो इसकी जांच करेगी ही, साथ ही सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ मदरसों की जांच के अभियान को संचालित करेगी। यह समिति एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
प्रदेश में संचालित होने वाले सभी मदरसों का मदरसा बोर्ड में पंजीकृत होना जरूरी है। इस समय मदरसा बोर्ड के अंतर्गत 415 मदरसे संचालित हो रहे हैं। यहां 40 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में बड़ी संख्या में अपंजीकृत मदरसों के संचालित होने की शिकायतें आ रही हैं।
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मदरसों के संचालन को बाहर से फंडिंग
यह बात भी सामने आई कि ऐसे मदरसों के संचालन को बाहर से फंडिंग की जा रही है। साथ ही इनमें दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राएं भी अध्ययनरत हैं। इनमें अवैध गतिविधियों के संचालित होने की भी आशंका बनी हुई है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग व पुलिस मुख्यालय को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस क्रम में अब पुलिस इन मदरसों की जांच करने की तैयारी कर रही है।
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पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मदरसों में गतिविधियां चलने की शिकायतें आई हैं। ऐसे में जो मदरसे पंजीकृत नहीं हैं और अवैध रूप से चल रहे हैं, उनकी गहनता से जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पुलिस इसकी विस्तृत जांच करने जा रही है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने इसके साथ ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के भी निर्देश दिए हैं। यह समिति विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ इन मदरसों की जांच कर एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
सेवा क्षेत्र में निवेशकों के लिए चार नए क्षेत्र होंगे विकसित
देहरादून: प्रदेश सरकार वैश्विक निवेशक सम्मेलन में प्राप्त प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए अब चार नए क्षेत्रों को विभिन्न उद्योगों के लिए विकसित कर रही है। इनमें नैनीताल का पटवाडागर, देहरादून के चकराता में नगाऊ और टिहरी गढ़वाल में धनोल्टी व मागरा शामिल हैं। यहां लगभग 106 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
राजधानी देहरादून में गत वर्ष हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान निवेशकों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश में रुचि दिखाई थी। इस दौरान सेवा क्षेत्र में निवेश करने वालों ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया था। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड को इन नए क्षेत्रों को चिहि्नत करने को कहा। इस कड़ी में अब चार स्थानों का चयन कर लिया गया है।