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    अंकिता भंडारी प्रकरण : एक बार फिर पुलिस ने किया स्पष्ट, इस मामले में कोई VIP नहीं है संलिप्त

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 10:32 PM (IST)

    पुलिस ने अंकिता भंडारी प्रकरण में एक बार फिर स्पष्ट किया है कि इसमें कोई वीआइपी संलिप्त नहीं है। एसआइटी ने कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए, जिसके आधा ...और पढ़ें

    एसपी शेखर सुयाल।

    एसपी शेखर सुयाल।

    HighLights

    1. इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट की स्थिति

    2. एसआइटी के एसपी ने कहा, उर्मिला सनावर व पूर्व विधायक के आडियो की हो रही है जांच

    जागरण संवाददाता, देहरादून: अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं को लेकर एक बार फिर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में कोई वीआइपी संलिप्त नहीं है। इसके अलावा उर्मिला सनावर व पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच बातचीत के प्रसारित आडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एसआइटी विस्तृत जांच कर रही है।

    अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआइटी के एसपी शेखर सुयाल व एसपी देहात जया बलूनी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, एसआइटी की ओर से की गई विवेचना और तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार के साक्ष्य न तो नष्ट किए गए हैं और न ही छिपाए गए। जिस कमरे को लेकर यह भ्रम फैलाया गया कि उसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तोड़ा गया, उस कमरे की वीडियोग्राफी सहित समस्त साक्ष्य न्यायालय में विधिवत रूप से प्रस्तुत किए जा चुके हैं।

    उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ ही घंटों के भीतर तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। तथाकथित वीआइपी एंगल सामने आने के बाद पुलिस ने रिसार्ट में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की।

    विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि जिस प्रकार की अफवाह फैलाई गईं, वैसा कोई वीआइपी इस प्रकरण में शामिल नहीं है। एसआइटी की ओर से रिसार्ट में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी से पूछताछ की गई तथा सभी के बयान दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। पुलिस की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं विधिसम्मत जांच का ही परिणाम है कि तीनों दोषी आज भी जेल में हैं।

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    आइपीएस पी रेणूका देवी की अध्यक्षता में गठित हुई थी एसआइटी

    अंकिता भंडारी हत्या मामले में शासन की ओर से आइपीएस अधिकारी आइजी पी रेणूका देवी की अध्यक्षता में एसआइटी गठित की गई थी, जिसमें एसपी शेखर सुयाल भी शामिल थे। आइजी पी रेणुका ईमानदार अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं, जोकि इस समय डेपूटेशन पर हैं। एसआइटी ने हर पहलू की जांच व साक्ष्य एकत्र कर कोर्ट में प्रस्तुत किए थे, जिसके बाद तीनों दोषियों को सजा सुनाई गई।

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