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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गैरसैंण बने स्थायी राजधानी: अनुसूइया प्रसाद मैखुरी

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Wed, 23 Nov 2016 11:30 AM (IST)

    उत्‍तराखंड के डिप्टी स्पीकर व कर्णप्रयाग विधायक डॉ. मैखुरी ने गैरसैंण के संबंध में अपने मन की बात साझा की। उन्‍होंने कहा कि वे गैरसैंण को स्‍थायी राजध ...और पढ़ें

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    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: उत्तराखंड विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. अनुसूइया प्रसाद मैखुरी ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी व देहरादून को शीतकालीन राजधानी बनाने की पैरवी की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह स्थानीय विधायक होने के नाते उनकी व्यक्तिगत राय है। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए सभी दलीय नेताओं की सहमति भी आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि सरकार गैरसैंण को राजधानी के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है।
    पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी स्पीकर व कर्णप्रयाग विधायक डॉ. मैखुरी ने गैरसैंण के संबंध में अपने मन की बात साझा की। उन्होंने कहा कि करीब 6000 फीट ऊंचे भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन प्रदेश की धरोहर है। 105 करोड़ की लागत से विधान भवन, विधायक हास्टल, आफीसर्स हास्टल, वीवीआइपी निवास का निर्माण लगभग पूर्ण होने जा रहा है। इसके अलावा, सचिवालय भवन निर्माण के लिए एनबीसीसी के साथ करार हो चुका है। दो दिवसीय सत्र में तीन महत्वपूर्ण संकल्प पारित किए गए हैं।

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    इनमें अगला बजट सत्र गैरसैंण में आहूत करना, गैरसैंण के विकास के लिए केंद्र से एक हजार करोड़ की मांग का प्रस्ताव भी शामिल है। भराड़ीसैंण में यातायात की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हेलीड्रम का निर्माण होगा।
    गैरसैंण को सड़क नेटवर्क से जोडऩे के लिए अलग कार्यदायी संस्था गैरसैंण अवस्थापना सड़क निर्माण निगम के गठन की घोषणा भी की गई है। गौचर में हवाई पट्टी का विस्तार व चौखुटिया में हवाई पट्टी का निर्माण भी किया जाएगा। गैरसैंण विकास परिषद का गठन पूर्व में किया जा चुका है।

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    इसमें गैरसैंण व चौखुटिया ब्लॉक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिषद को गत वर्ष चार करोड़ व इस वर्ष दो करोड़ आवंटित किए, जिससे ढांचागत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। भविष्य में गैरसैंण पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र होगा। गैरसैंण में बनने वाले संसदीय शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावना भी विकसित होगी।

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