Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अपर्णा कुमार ने दक्षिणी ध्रुव में लहराया तिरंगा, जानिए उनका सफर

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Tue, 15 Jan 2019 03:02 PM (GMT+05:30)

    आइटीबीपी के सीमाद्वार परिसर में उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात आइपीएस अपर्णा कुमार ने दक्षिणी ध्रुव में तिरंगा लहराया है। ...और पढ़ें

    अपर्णा कुमार ने दक्षिणी ध्रुव में लहराया तिरंगा, जानिए उनका सफर
    अपर्णा कुमार ने दक्षिणी ध्रुव में लहराया तिरंगा, जानिए उनका सफर

    देहरादून, जेएनएन। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के सीमाद्वार परिसर में उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात आइपीएस अपर्णा कुमार के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ गया है। वह तकरीबन पैंतीस किलोग्राम वजन लेकर बर्फ पर 111 मील की दुर्गम यात्रा कर दक्षिणी ध्रुव तक पहुंची हैं। 13 जनवरी को सुबह पांच बजे उन्होंने दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा फहराया। 

    अर्पणा ने चार जनवरी को अंटार्कटिका में केंद्रीय बेस कैंप से अपनी यात्रा शुरू की थी। इस दौरान दस सदस्यीय दल उनके साथ था। जिसमें दो गाइड भी शामिल थे। इस अभियान के दौरान उन्हें विषम भौगोलिक परिस्थितियों व मौसम की दुश्वारियों से भी पार पाना पड़ा। माइनस 40 डिग्री तापमान में हर दिन 20-25 किमी का सफर आसान नहीं था। पर अर्पणा के हौसले तमाम चुनौतियों से बड़े थे। यही वजह रही कि दक्षिणी ध्रुव तक सफलतापूर्वक पहुंचने वाली वह देश की पहली वर्दीधारी बन गई हैं। 

    बता दें, अपर्णा कुमार माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं। दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार में उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसे पाना हर पर्वतारोही का सपना होता है। अपर्णा इससे पहले अंटार्कटिका और किलिमंजारो के ऊंचे-ऊंचे पर्वतों पर भी चढ़ाई कर चुकी हैं। सात महाद्वीपों में से छह के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर फतह करने का गौरव उन्हें प्राप्त है। इस साल जुलाई में वह अमेरिका के देनाली पर्वत की चढ़ाई करेंगी। उनके पति 2002 बैच के आइएएस अफसर संजय कुमार इस समय उत्तर प्रदेश में नगर विकास सचिव हैं। 

    यह भी पढ़ें: यहां हिमालयी चुनौतियों से जूझने का गुर सीख रहे हैं हिमवीर

    यह भी पढ़ें: मुफ्त में नहीं घूम सकेंगे औली की ढलान पर, अब देना होगा इतना शुल्‍क

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड स्थित इस गुफा में भी हैं बर्फानी बाबा, 10 फरवरी से कर सकेंगे दर्शन

    खबरें और भी