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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार; संघ सामाजिक संगठन, कर सकता है समीक्षा: कौशिक

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Fri, 25 Aug 2017 10:50 PM (IST)

    कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और वह सरकार के काम की समीक्षा कर सकता है। ...और पढ़ें

    बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार; संघ सामाजिक संगठन, कर सकता है समीक्षा: कौशिक
    बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार; संघ सामाजिक संगठन, कर सकता है समीक्षा: कौशिक

    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा सरकार ने पलटवार किया है। सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आरएसएस एक समाजिक संगठन है और वह सरकार के काम की समीक्षा कर सकता है। कांग्रेस की इस पर प्रतिक्रिया महज उसकी बौखलाहट है। डेनिस व अवैध शराब की प्रदेश में अब कोई जगह नहीं है। सरकार एक स्पष्ट नीति से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति घोटाले पर कांग्रेस के नेता पहले यह स्पष्ट कर लें कि वे किस तरह की जांच चाहते हैं। 

    विधानसभा में कांग्रेस द्वारा संघ की ओर से सरकार की समीक्षा करने पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि संघ के कार्यकर्ता ही आज राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं। एक सामाजिक संगठन के रूप में आरएसएस कभी भी सरकार के कामों की समीक्षा कर सकता है। आपस में बैठक कर समय-समय पर सरकार भी संघ का मार्गदर्शन लेकर काम करती है। 

    अवैध शराब के मसले पर उन्होंने कहा कि डेनिस व गुलाब अथवा दबंग को लाने वाले अब सरकार से चले गए हैं। सरकार एक स्पष्ट नीति लेकर आई है। विभाग अवैध शराब को रोकने के लिए प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। सरकार का मकसद अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाना है। एनएच-74 के मसले पर उन्होने कहा कि एसआइटी मामले की जांच कर रही है। जिस दिन सीबीआइ मामले को टेकअप करेगी, एसआइटी की जांच समाप्त हो जाएगी। विपक्ष ऐसा वातावरण बना रही है कि मामले की सीबीआइ जांच न होने पाए। 

    छात्रवृति घोटाले पर उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस घोटाले को दबाने का प्रयास किया। भाजपा सरकार ने इसकी जांच शुरू की है। नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश अध्यक्ष तो इसकी विभागीय जांच की मांग कर रहे थे। पहले वे यह साफ कर लें कि उन्हें इस मामले में सीबीआइ जांच चाहिए या एसआइटी।

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