देहरादून का ब्रिगेडियर हत्याकांड: सरेराह गोलियां बरसाने के आरोपित आदित्य और समीर की जमानत खारिज
देहरादून के राजपुर थानाक्षेत्र में ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से हुई मौत के मामले में आरोपित आदित्य चौधरी और समीर चौधरी की जम ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। राजपुर थानाक्षेत्र में सुबह सैर पर निकले ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से हुई मौत के मामले में अदालत ने गुरुवार को आरोपित आदित्य चौधरी और समीर चौधरी की जमानत अर्जियों को खारिज कर दिया।
बचाव पक्ष ने उनकी जमानत के समर्थन में दलील दी कि मुजफ्फरनगर के रहने वाले आदित्य और समीर क्रमश: 20 व 21 वर्षीय छात्र हैं। दोनों एक प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई कर रहे हैं।
दोनों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उनसे कोई बरामदगी नहीं है, न ही किसी ने वारदात में शामिल होने की शिनाख्त की है।
बचाव पक्ष की दलील के विरोध में अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपित आदित्य और समीर वारदात में अन्य आरोपितों के साथ सक्रिय भूमिका में थे। राजपुर थानाक्षेत्र में 30 मार्च की सुबह वारदात के दौरान दोनों पक्षों के आरोपित फारच्यूनर और स्कार्पियो गाड़ी में सवार थे।
आरोपितों ने एक-दूसरे पर साजिशन हमला किया था। दोनों गाड़ियों में सवार अभियुक्त सरेराह एक-दूसरे पर गोलियां चला रहे थे, जिसमें सभी की साझा आपराधिक मंशा जाहिर थी।
ये दोनों आरोपित भी उस आपराधिक साजिश का हिस्सा थे, जिसके कारण निर्दोष बुजुर्ग की जान गई।
अभियोजन ने जोर दिया कि मामले की जांच जारी है, ऐसे में दोनों आरोपित जेल से बाहर आने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
इन सभी दलीलों को रिकार्ड पर लेते हुए तृतीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जमानत याचिकाओं को नामंजूर कर दिया।
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