देहरादून ब्रिगेडियर हत्याकांड: काविश ने चलाई थी गोली, बगल में बैठा था शांतनु
देहरादून में पूर्व ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी हत्याकांड की जांच में पुलिस ने अहम खुलासे किए हैं। मुख्य आरोपी काविश त्यागी ने गोली चलाई थी, जबकि शांतन ...और पढ़ें

30 मार्च की सुबह दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। पूर्व ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने घटनाक्रम की कई अहम कड़ियां खुलकर आई हैं।
जांच के अनुसार, रिटायर ब्रिगेडियर पर चली गोली मुख्य आरोपित काविश त्यागी ने चलाई थी, जबकि स्कार्पियो में उसके बगल में शांतनु त्यागी बैठा था।
शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार दोनों आरोपितों को शनिवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि तीसरे फरार आरोपित वैभव की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
30 मार्च की सुबह जोहड़ी गांव में दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग में मार्निंग वाक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
घटना के बाद राजपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जिसमें सामने आया कि यह विवाद एक रात पहले कुठालगेट स्थित जेन-जी बार में बिल कम कराने को लेकर शुरू हुआ था।
पुलिस के अनुसार, 29 मार्च की देर रात जेन जी बार में फार्च्यूनर सवार युवकों और स्कार्पियो में पहुंचे काविश त्यागी, शांतनु त्यागी, आदित्य चौधरी व उनके साथियों के बीच विवाद हुआ।
बार से निकला तनाव अगले दिन सुबह जोहड़ी गांव तक पहुंचा, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान एक गोली ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को लगी।
पढ़ाई से ज्यादा पार्टी और दबंगई में सक्रिय थे आरोपित
जांच में सामने आया कि काविश त्यागी, शांतनु त्यागी और आदित्य चौधरी की दोस्ती पढ़ाई के दौरान हुई थी, लेकिन बाद में इनका झुकाव पढ़ाई से अधिक बाहरी गतिविधियों और दबंगई की ओर हो गया। पुलिस के अनुसार, घर से पर्याप्त खर्च मिलने के कारण देर रात पार्टियां करना और बार में जाना इनकी दिनचर्या थी।
पहले ही सात आरोपित जा चुके जेल
इस मामले में रोहित कुमार, मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर, संदीप कुमार, आदित्य चौधरी, आदेश गिरी, समीर चौधरी और मोहित अरोड़ा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनके कब्जे से दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए थे। बाद की पूछताछ में शांतनु, काविश और वैभव के नाम सामने आए।
मुठभेड़ में काविश घायल, पिस्टल बरामद
शुक्रवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में काविश त्यागी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे और शांतनु को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस अब फरार वैभव की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और पूरे नेटवर्क की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
आरोपितों की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में
जांच में सामने आया कि आदित्य चौधरी के पिता उत्तराखंड पुलिस में सिपाही हैं। काविश त्यागी के पिता ठेकेदारी करते हैं और वह मसूरी रोड क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है।
शांतनु त्यागी सहारनपुर से पढ़ाई के लिए देहरादून आया था, लेकिन पढ़ाई में असफल रहने के बाद ओपन यूनिवर्सिटी से शिक्षा ले रहा था।
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