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    उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट पर बड़ी पहल: नैबकान्स बनेगा नॉलेज पार्टनर

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 05:56 PM (IST)

    उत्तराखंड सरकार कार्बन क्रेडिट को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड की सलाहकार संस्था नैबकान्स को नॉलेज पार्टनर बनाने जा रही है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. नैबकान्स कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं का एक्शन प्लान तैयार करेगा

    2. स्थानीय समुदायों को कार्बन क्रेडिट से आय अर्जित होगी

    3. पर्यावरण निदेशालय कार्बन क्रेडिट के लिए नोडल एजेंसी

    केदार दत्त, देहरादून। उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट को लेकर सरकार अब गंभीरता से पहल कर रही है।

    इस कड़ी में नाबार्ड की परामर्शदाता संस्था नैबकान्स (नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विस) को नालेज पार्टनर बनाने को कदम बढ़ाए जा रहे हैं। पर्यावरण निदेशालय ने इस सिलसिले में शासन को प्रस्ताव भेजा है, जिस पर मंथन चल रहा है।

    शासन से हरी झंडी मिलने के बाद नैबकान्स राज्य में कौन-कौन से क्षेत्र में कौन-कौन सी कार्बन क्रेडिट से जुड़ी परियोजनाएं बनाई जा सकती है, इसका एक्शन प्लान तैयार करेगी। विभिन्न विभागों व समुदाय को कार्बन क्रेडिट की जानकारी से लैस करने का जिम्मा भी उसका होगा।

    दरअसल, विशाल वन क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण की क्षमता को देखते हुए उत्तराखंड कार्बन क्रेडिट के लिहाज से व्यापक संभावनाओं वाला क्षेत्र हैं।

    यदि स्थानीय समुदायों को इसकी सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन मिले तो वे इससे आय अर्जित कर सकते हैं। इसी के दृष्टिगत कार्बन क्रेडिट की दिशा में बढ़ा जा रहा है।

    पर्यावरण निदेशालय के निदेशक एसपी सुबुद्धि के अनुसार नैबकान्स को कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है।

    इसीलिए उसे नालेज पार्टनर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उसकी तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग कर कार्बन क्रेडिट से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार किए जाएंगे।

    यह होगी नैबकान्स की जिम्मेदारी

    यह संस्था कार्बन क्रेडिट से संबंधित एक्शन प्लान बनाने के साथ ही विभागों के प्रोजेक्ट का भी परीक्षण करेगी।

    यह सुझाव भी देगी कि कौन-कौन से क्षेत्र में प्रोजेक्ट बन सकते हैं, कौन यह कार्य कर सकता है। उसके माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलेगा।

    पर्यावरण निदेशालय में बनेगा अलग प्रकोष्ठ

    कार्बन क्रेडिट के लिए सरकार ने पर्यावरण निदेशालय को नोडल बनाया है। जल्द ही निदेशालय में कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट डेवलपमेंट प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। कार्बन क्रेडिट को बेहतर वातावरण बनने के बाद कार्बन ट्रेडिंग की दिशा में बढ़ा जाएगा।

    क्या है कार्बन क्रेडिट

    कार्बन क्रेडिट ऐसा प्रमाणपत्र है, जो दर्शाता है कि किसी व्यक्ति, संस्था, कंपनी या परियोजना ने एक टन कार्बन डाइआक्साइड या उसके बराबर अन्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम किया है अथवा हटाया है। इस उपलब्धि के बदले में उसे एक कार्बन क्रेडिट मिलता है।

    यह है कार्बन ट्रेडिंग

    कार्बन ट्रेडिंग में कार्बन क्रेडिट की खरीद-बिक्री होती है। जिन कंपनियों या संस्थाओं का कार्बन उत्सर्जन अधिक होता है, वे इसकी भरपाई को कार्बन क्रेडिट खरीदती हैं।

    उत्सर्जन कम करने या अधिक कार्बन अवशोषित करने वाले प्रोजेक्ट कार्बन क्रेडिट बेचकर आय अर्जित करते हैं।

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