Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    2011 की जनगणना दिलाएगी आयुष्मान योजना से वंचितों को गोल्डन कार्ड

    By BhanuEdited By:
    Updated: Fri, 08 Feb 2019 12:46 PM (IST)

    आयुष्मान योजना से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। अब गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लोगों को जनगणना-2011 का डाटा भी विकल्प के रूप में मुहैया कराया जाएगा। ...और पढ़ें

    2011 की जनगणना दिलाएगी आयुष्मान योजना से वंचितों को गोल्डन कार्ड
    2011 की जनगणना दिलाएगी आयुष्मान योजना से वंचितों को गोल्डन कार्ड

    देहरादून, जेएनएन। प्रदेशभर में पांच लाख रुपये की वार्षिक आय से अधिक वाले परिवारों को अब आयुष्मान योजना से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। अब गोल्डन कार्ड बनाने के लिए लोगों को जनगणना-2011 का डाटा भी विकल्प के रूप में मुहैया कराया जाएगा। इससे जनगणना में दर्ज परिवार भी योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। अभी तक गोल्डन कार्ड के लिए राशन कार्ड की बाध्यता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनगणना-2011 का डाटा लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

    सीएससी के जिला प्रबंधक राजेश तिवारी ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत बन रहे गोल्डन कार्ड के लिए अभी तक सिर्फ राशन कार्ड ही लिए जा रहे हैं। इससे संपन्न वर्ग के परिवार योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि वे राशन कार्ड के लिए अपात्र हैं। 

    अब स्वास्थ्य विभाग इन प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए जनगणना-2011 का डाटा भी ले रहा है। इसमें जो भी परिवार जनगणना में दर्ज होंगे, वे भी गोल्डन कार्ड बनवा सकेंगे। यह सुविधा 15 दिनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। 

    आधार करेगा वेरीफिकेशन

    सीएससी के जिला प्रबंधक तिवारी ने कहा कि इसमें आधार कार्ड से वेरीफिकेशन किया जाएगा। जनगणना में नाम पाए जाने पर उस परिवार के सदस्यों को आधार कार्ड भी अनिवार्य रूप से दिखाना होगा। 

    राशन कार्ड के आवेदनों की बाढ़

    अभी तक आयुष्मान योजना में राशन कार्ड की एकमात्र विकल्प है। इस वजह से अपात्र लोग (पांच लाख रुपये की वार्षिक आय से अधिक) भी राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रहे थे। पिछले दो माह में जिलेभर में विभाग के पास तीन हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इन्हें विभाग निरस्त कर चुका है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: आपदा के लिए तैयार होंगे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में अब नहीं होगा दवा का संकट, जानिए

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में अब दवाइयों और वैक्सीन की जांच में नहीं होगी दिक्कत