इस बार चारधाम यात्रा होगी पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त... कूड़ा फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष चारधाम यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्लास्टिक बोतलों हेतु डिजिटल डिपा ...और पढ़ें
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प्लास्टिक मुक्त चारधाम यात्रा के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक करते मुख्यमंत्री धामी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। प्रदेश में इस वर्ष चारधाम यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सरकार ने कमर कसी है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन को डिजिटल डिपाजिट रिफंड सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
प्लास्टिक की बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं आरओ प्लांट स्थापित किए जाएंगे। यात्रा मार्ग पर ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी करेंगी।
इसके लिए अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास, पर्यटन तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रीत करने के निर्देश दिए।
घोड़े खच्चरों की लीद से बनेंगे पैलेट
यात्रा मार्ग पर पर संचालित घोड़े व खच्चरों की लीद को पिरुल (चीड़ की सूखी पत्तियां) के साथ मिलाते हुए पैलेट तैयार किए जाएंगे तथा इनके इस्तेमाल की व्यवस्था भी बनाई गई है।
केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी
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केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरुल और खच्चरों की लीद से तैयार पैलेट के माध्यम से संचालित गीजरों द्वारा की जाएगी।
हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन
मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि हर दुकान में प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। इस पर सख्ती से निगरानी भी की जाएगी।
यह भी दिए निर्देश
- यात्रा मार्ग पर हो सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था
- चारधाम मार्ग पर विशेषज्ञता वाले कार्मिक बल की हो तैनाती
- जनभागीदारी से चलाया जाए प्लास्टिक मुक्त अभियान
- यात्रियों से क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से लिया जाए फीडबैक
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को निकाय व पंचायतों के बीच हो बेहतर समन्वय