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    चारधाम हेली बुकिंग धोखाधड़ी: बिहार से दो जालसाज गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खुलासा

    Updated: Sat, 30 May 2026 11:52 PM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड एसटीएफ ने चारधाम यात्रा में हेली बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ...और पढ़ें

    एसटीएफ उत्तराखंड टीम की ओर से बिहार से गिरफ्तार किए गए साइबर ठग।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। एसटीएफ उत्तराखंड ने चारधाम यात्रा में हेली बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्यों को बिहार के नालंदा से गिरफ्तार किया गया है।

    एसटीएफ को गिरोह के देशभर में फैले नेटवर्क के अहम सुराग भी मिले हैं। गिरोह ने पूरे भारतवर्ष में कई घटनाओं को अंजाम देकर लाखों रुपयों की साइबर ठगी की है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।

    एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से एसटीएफ के अंतर्गत गठित 'चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्राड सेल' की ओर से निरंतर इंटरनेट मीडिया, संदिग्ध वेबसाइट्स एवं डिजिटल प्लेटफार्म की निगरानी की जा रही है।

    इस दौरान प्रकाश में आया कि एक संगठित साइबर गिरोह फर्जी फेसबुक व वाट्सएप नंबर एवं बैंक खातों के माध्यम से 'श्रद्धालुओं को हेली सेवा बुकिंग' के नाम पर ठग रहा है। इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में एसआइ राजीव सेमवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

    विवेचना के दौरान एसटीएफ टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग एवं मोबाइल डाटा के आधार पर बिहार में अभियान चलाया, जिसमें एसटीएफ के निरीक्षक एनके भट्ट व सब इंस्पेक्टर राजीव सेमवाल की टीम को महत्वपूर्ण सफलता मिली। टीम ने बिहार के नालंदा से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।

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    आरोपितों की पहचान दीपक कुमार निवासी शेरपुर, बिहार शरीफ, नालंदा और विजित कुमार उर्फ मिकी निवासी शेखपुरा, बिहार के रूप में हुई है।

    विवेचना के दौरान सामने आया कि साइबर अपराधियों ने हेली सेवा टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी टिकट उपलब्ध कराए थे, जिसे विवेचना के दौरान रिकवर कर आरोपितों के विरुद्ध धाराओं में बढ़ोतरी की गई है।

    आरोपितों से पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, दो सिम संबंधी दस्तावेज, एक आधार कार्ड व पेनकार्ड और कुछ डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

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