चारधाम यात्रा: अब ट्रिप कार्ड पर टूर ऑपरेटर का नाम-नंबर अनिवार्य, अतिरिक्त किराया वसूला तो होगा एक्शन
चारधाम यात्रा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए परिवहन विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। अब ट्रिप कार्ड ...और पढ़ें

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अंकुर अग्रवाल, देहरादून। चारधाम यात्रा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने इस बार महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिए हैं। अब यात्रा पर संचालित होने वाले हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ-साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य होगा। पहले यह जानकारी उपलब्ध नहीं होने से शिकायत की स्थिति में केवल चालक पर कार्रवाई होती थी और टूर आपरेटर बच निकलते थे। नई व्यवस्था से अब आपरेटर की जिम्मेदारी सीधे तय होगी और फर्जीवाड़े पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर नोडल अधिकारी आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने संयुक्त रोटेशन से जुड़ी बस कंपनियों, टैक्सी-मैक्सी कैब यूनियन और टेंपो ट्रैवलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ दो दिन पहले ऋषिकेश में बैठक की थी। बैठक के बाद निर्धारित की गई रणनीति और व्यवस्था के आरटीओ ने दो टूक कहा कि यात्रियों से तय किराये से अधिक वसूली की गई तो वाहन का परमिट तत्काल निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने परिवहन कंपनियों को बसों की तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखने, चालकों को अनिवार्य रूप से वर्दी में रहने, ओवरस्पीड व ओवरलोडिंग पर सख्त रोक तथा हर वाहन में डस्टबिन और स्पीड लिमिट डिवाइस अनिवार्य करने के निर्देश दिए। आरटीओ ने कहा कि यात्रा पर जाने वाली स्टेज कैरिज बसों को यदि दूसरे मार्ग का अस्थायी परमिट चाहिए होगा तो यह सुविधा रात में भी आनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी बस की यात्रा बाधित न हो।
1800 बसें होंगी संचालित
चारधाम यात्रा में इस बार कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रहेंगी। प्रतिदिन 130 बसें रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में लगभग 1300 बसें मार्गों पर चलेंगी। जिन वाहनों का ग्रीन कार्ड या ट्रिप कार्ड समय पर नहीं बन पाएगा, उनके यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए ऋषिकेश में तत्काल ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर में सुविधा केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
केदारनाथ के लिए 225 शटर सेवा
केदारनाथ यात्रा के लिए सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचने को परिवहन विभाग 225 मैक्सी कैब शटल सेवा संचालित करेगा, जिसमें प्रति यात्री 50 रुपये का किराया देना होगा। सोनप्रयाग में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी और आगे का संपूर्ण आवागमन केवल शटल सेवा के माध्यम से होगा।
यात्रा मार्ग छह चेकपोस्टों से होगी निगरानर
इस बार चेकिंग व्यवस्था भी पहले से अधिक कड़ी होगी। विभाग अपनी छह स्थाई चेकपोस्टों के अलावा धामों के मार्गों पर प्रवर्तन दलों की तैनाती करेगा। यमुनोत्री मार्ग पर डामटा-बड़कोट-जानकीचट्टी तक, बदरीनाथ मार्ग पर जोशीमठ-गोविंदघाट-बदरीनाथ तक, गंगोत्री मार्ग पर उत्तरकाशी-गंगोत्री तक जबकि केदारनाथ मार्ग पर रुद्रप्रयाग-अगस्त्यमुनि-गुप्तकाशी तक प्रवर्तन दल तैनात रहेंगे। एक अतिरिक्त दल ऋषिकेश-ब्यासी-कीर्तिनगर मार्ग पर रहेगा। प्रत्येक चेकपोस्ट पर सात-सात कर्मचारी हर वाहन के ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड, चालक की स्थिति और ओवरलोडिंग की जांच करेंगे।
यात्रियों की सुरक्षा सरकार व परिवहन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, अनियमितता या नियम उल्लंघन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि इस साल चारधाम यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और अनुशासित हो। -संदीप सैनी, आरटीओ प्रशासन
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