AI और फेस रिकग्निशन तकनीक से सुरक्षित होगी चारधाम यात्रा, चप्पे-चप्पे पर रहेगी निगरानी
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार व्यापक तकनीकी इंतजाम किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर फेस रिकग्निशन कैमरे (एफआरसी) लगाए ...और पढ़ें
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विकास गुसाईं, देहरादून। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के व्यापक व तकनीकी इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर फेस रिकग्निशन कैमरे (एफआरसी) लगाने का निर्णय लिया गया है।
यह कैमरे देशभर के राज्यों में चिहि्नत अपराधियों को तुरंत चिह्नित कर सकेंगे। इससे किसी भी घटना की आशंका को न्यूनतम किया जा सकेगा।
प्रदेश में चारधाम यात्रा रविवार से शुरू हो रही है। इसमें देशभर से श्रद्धालु उत्तराखंड आएंगे। यात्रा से पहले हाल ही में प्रदेश के कुछ इलाकों में आतंकवादी संगठनों से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। इससे सरकार सुरक्षा के दृष्टिगत और अधिक सतर्क हो गई है।
इस क्रम में चारधाम यात्रा में आतंकवाद निरोधी दस्ते व बम निरोधक दस्तों की भी तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इस बार एफआरसी लगाने की भी तैयारी कर रही है। इन अत्याधुनिक कैमरों के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों के चेहरों का मिलान देशभर के अपराधियों के डाटाबेस से किया जाएगा।
इसके लिए कैमरों को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा जाएगा, जिससे रियल टाइम में पहचान संभव हो सकेगी। यह प्रणाली पहले से चिह्नित अपराधियों, आतंकियों और वांछित व्यक्तियों की पहचान करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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चारधाम यात्रा मार्ग पर लगने वाले ये कैमरे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष रूप से स्थापित किए जाएंगे।
इससे न केवल संदिग्धों की पहचान आसान होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। सचिव गृह शैलेश बगौली का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा का स्तर और अधिक मजबूत करने को पुलिस विभाग यह कैमरे लगा रहा है।