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    'हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है हरेला', सीएम धामी ने लोक परंपराओं से जुड़े रहने का दिया संदेश

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 08:02 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दीं और इसे प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व लोक संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंन ...और पढ़ें

    सीएम धामी ने हरेला पर्व पर दी शुभकामनाएं

    सीएम धामी ने हरेला पर्व पर दी शुभकामनाएं

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री धामी ने हरेला पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

    2. पर्व को प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और लोक संस्कृति का प्रतीक बताया।

    3. पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण में जनभागीदारी का आह्वान किया।

    डिजिटल डेस्क, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामना दी है। हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शित करने तथा लोक संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ हमें अपनी परम्पराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। हमारे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की भी पहचान है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की अध्यात्म और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति विशिष्ट पहचान रही है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता हर किसी को आकर्षित करती है। इसलिए, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें अपने जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान से समाज में वृक्षारोपण के प्रति जन-जागरुकता का प्रसार हुआ है। प्रदेश में हरेला पर्व पर वन एवं उद्यान विभाग द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान संचालित करने के लिये प्रभावी कार्य-योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आज सामाजिक दायित्व के साथ जन-भावना से जुड़ा विषय बन गया है। हमारा यह प्रयास भावी-पीढ़ी को अपनी परम्पराओं से जुड़ने तथा प्रकृति-संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन हेतु प्रेरित करने में भी मददगार होगा।

    मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। उन्होंने इस दिशा में जन सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है।

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