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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दून की बदहाल सफाई व्यवस्था पर भड़के कांग्रेसी, नगर निगम पर प्रदर्शन Dehradun News

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 28 Jun 2019 10:39 AM (IST)

शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का काम देख रही चेन्नई एमएसडब्लू कंपनी के विरुद्ध कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बदहाल सफाई व्यवस्था के खिलाफ नगर निगम पर प्रदर्शन किया।

दून की बदहाल सफाई व्यवस्था पर भड़के कांग्रेसी, नगर निगम पर प्रदर्शन Dehradun News
दून की बदहाल सफाई व्यवस्था पर भड़के कांग्रेसी, नगर निगम पर प्रदर्शन Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का काम देख रही चेन्नई एमएसडब्लू कंपनी के विरुद्ध भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। एक दिन पहले भाजपा पार्षदों ने कंपनी का टेंडर निरस्त करने को लेकर महापौर सुनील उनियाल गामा का घेराव किया था। कांग्रेस ने भी नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय का घेराव कर कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उसका काम हटाने की मांग की। कांग्रेसी पार्षदों ने बदहाल सफाई व्यवस्था का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। 

पूर्व विधायक राजकुमार एवं कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसी गुरूवार को नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय से मिले। बताया कि शहर में चेन्नई एमएसडब्लू ने जब से काम संभाला है तब से घर घर से कूड़ा उठान की स्थिति बेहद खराब हो गई है। 

कंपनी के कर्मचारी कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठा रहे हैं। लोगों से अवैध वसूली तक की जा रही है। कांग्रेसी पार्षदों ने इस दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई का मामला भी उठाया। कहा कि कई वार्डों में जरूरत के हिसाब से बेहद कम कर्मचारी दिए गए हैं। सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आए दिन लोग पार्षदों के पास आकर अपनी नाराजगी दर्ज करा रहे हैं। 

इस दौरान नेहरू कालोनी के पार्षद ने कहा कि उनके क्षेत्र में कूड़ा उठान वाली कंपनी के कर्मचारी लोगों से एडवांस में दो-दो माह का शुल्क ले गए, लेकिन कूड़ा उठाने के लिए गाडिय़ां उनके घरों तक नहीं आ रही। वार्ड 75 लोहियानगर के पार्षद ने बताया कि कुछ दिन पहले तक उनके वार्ड में एक दर्जन सफाई कर्मचारी काम कर रहे थे। जो कि नाकाफी होने के बावजूद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था संभाले हुए थे। दो दिन पूर्व ही उनके वार्ड से सात सफाई कर्मचारियों को हटाकर दूसरे वार्ड में भेज दिया गया। 

इससे उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। कहा कि किसी वार्ड में दस से अधिक सफाई कर्मचारी हैं तो किसी वार्ड में पांच कर्मचारी हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था कैसे होगी। इस अवसर पर पार्षद डा. विजेंद्र पाल, नितिन कुमार आदि मौजूद रहे।

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