यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Lockdown: साहिया बाजार में उमड़ी भीड़, पुलिस ने फटकारी लाठियां
लॉकडाउन के दौरान मिली कुछ देर की छूट के दौरान साहिया बाजार में लोगों की खूब भीड़ दिखी। इस पर राजस्व पुलिस ने सख्ती बरती और लाठियां फटकारनी पड़ी।

देहरादून, जेएनएन। लॉकडाउन के दौरान मिली कुछ देर की छूट के दौरान साहिया बाजार में लोगों की खूब भीड़ दिखी। खरीददारी को विभिन्न गांवों से उमड़ते लोगों के बीच पर्याप्त दूरी न बनाने पर राजस्व पुलिस ने सख्ती बरती और लाठियां फटकारनी पड़ी। एसडीएम के आदेश पर कालसी तहसीलदार ने साहिया पहुंचकर जायजा लिया और मौके पर अनावश्यक रूप से घूम रहे लोगों को फटकार लगाकर बाजार को खाली कराया।
करीब सौ गांवों के केंद्र बिंदू साहिया बाजार में खरीददारी को आने वाले ग्रामीण रोजाना समझाने के बाद भी दुकानों पर पर्याप्त दूरी नहीं बना रहे थे। राजस्व उपनिरीक्षक प्रत्येक दिन ग्रामीणों को समझा रहे हैं, लेकिन फिर भी कई ग्रामीण पर्याप्त दूरी नहीं रख रहे थे, जिससे दुकानदार को भी सामान देने में दिक्कतें आ रही थीं। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम अपूर्वा सिंह के निर्देश पर कालसी तहसीलदार शक्ति प्रसाद उनियाल साहिया पहुंचे। तहसीलदार ने राजस्व उपनिरीक्षक जयलाल शर्मा, सुखदेव जिनाटा आदि को साथ लेकर लोगों को समझाया, न मानने पर राजस्व पुलिस ने लाठियां फटकार कर भगाया।
दरअसल, साहिया बाजार में प्रति दिन सैकड़ों की भीड़ खरीदारी को आ रही है। तहसीलदार उनियाल का कहना है कि बार बार साहिया बाजार में एक दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी न रखकर सामान खरीदने की शिकायतें आ रही थी, जिसके चलते तहसील प्रशासन को मजबूरन ठोस कदम उठाने पड़े। लोगों को समझाया कि सामान दुकान से लेते समय ग्राहक एक मीटर की दूरी बनाए रखें, सामान लेने के बाद तुरंत वापस घरों को लौट जाएं, जिससे बाजार में भीड़ न दिखे। अगर आगे भी बाजार में भीड़ इसी तरह रहेगी तो अभियान जारी रहेगा।
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गांव में आने वाले लोग पहले 14 दिन रहेंगे होम कोरनटाइन
मंगलवार को ग्राम पंचायत नराया में ग्राम प्रधान श्रीचंद तोमर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान कोरोना महामारी से निजात देने के लिए यह निर्णय लिया गया कि बाहर से कोई भी व्यक्ति अगर गांव में प्रवेश करते हैं तो उनको मेडिकल जांच कराने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। यदि इस परीक्षण से लोग नहीं गुजरते हैं तो उन्हें किसी दशा में गांव में नहीं आने दिया जाएगा।

