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    देहरादून अर्जुन शर्मा हत्याकांड: संपत्ति, लेन-देन और रिश्तों की दरारों में उलझी कहानी का दर्दनाक अंत

    Updated: Thu, 12 Feb 2026 05:24 PM (IST)

    देहरादून में अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या ने शहर को स्तब्ध कर दिया है। यह हत्या संपत्ति विवाद, करोड़ों के लेन-देन और पारिवारिक कलह का दुखद परिणाम ह ...और पढ़ें

    मृतक अर्जुन शर्मा की फोटो। वहीं, अर्जुन शर्मा को गोली लगने के बाद हुई मौत के बाद विलाप करती पत्नी अभिलाषा। जागरण

    मृतक अर्जुन शर्मा की फोटो। वहीं, अर्जुन शर्मा को गोली लगने के बाद हुई मौत के बाद विलाप करती पत्नी अभिलाषा। जागरण

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    संक्षेप में पढ़ें

    विजय जोशी, देहरादून। तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े हुई अर्जुन शर्मा की हत्या संपत्ति, करोड़ों के लेनदेन और टूटते पारिवारिक रिश्तों की ऐसी परतें खोल रहा है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

    मृतक अर्जुन शर्मा बलिदानी कर्नल रमेश चंद्र शर्मा के बेटे थे। पिता के बलिदान के बाद सरकार ने परिवार को सहारा देते हुए गैस एजेंसी दी थी, जो वर्षों से पैतृक संपत्ति पर चल रही थी।

    यही संपत्ति और उससे जुड़ा आर्थिक ताना-बाना अब इस हत्याकांड की जांच का केंद्रीय बिंदु बनता जा रहा है। अर्जुन का चार साल का बेटा और तीन साल की बेटी इन बातों से अनजान हैं।

    अर्जुन की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने साफ तौर पर अपनी सास बीना शर्मा, प्रापर्टी कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और अस्पताल संचालक अजय खन्ना पर हत्या कराने की आशंका जताई है।

    उन्होंने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि संपत्ति और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। अभिलाषा का कहना है कि अर्जुन का किसी अन्य व्यक्ति से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में शक की सुई सीधे उन्हीं लोगों की ओर जाती है, जिनसे उनका आर्थिक और संपत्ति को लेकर टकराव चल रहा था।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार की पैतृक संपत्ति पर करोड़ों रुपये का बैंक लोन लिया गया था, जिसमें अर्जुन गारंटर थे। आरोप है कि विनोद उनियाल को बड़ी रकम दी गई, जिसे लेकर अर्जुन अपनी मां से नाराज थे। उन्हें आशंका थी कि उनकी मां को प्रभाव में लेकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

    यही विवाद इतना बढ़ा कि मामला पुलिस थानों से होता हुआ अदालत तक पहुंच गया। मां ने बेटे पर मुकदमा दर्ज कराया, बेटे ने मां और उनके परिचितों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। हाईकोर्ट तक सुरक्षा की गुहार लगी। रिश्तों की खाई इतनी गहरी हो गई कि एक मां को अपने ही बेटे से सुरक्षा की जरूरत महसूस हुई।

    कोर्ट की चौखट से श्मशान तक

    जीएमएस रोड की संपत्ति को लेकर भी विवाद अदालत में लंबित था। बताया जा रहा है कि उक्त संपत्ति को अर्जुन की मां बीना ने अस्पताल संचालक अजय खन्ना बेचने का प्रयास किया और संपत्ति का लोन चार करोड़ रुपये अजय खन्ना ने चुका दिया।

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    इसे लेकर अर्जुन और अजय खन्ना के बीच सिविल कोर्ट में वाद चल रहा था और स्टे भी लिया गया था। कभी एक छत के नीचे रहने वाला परिवार अब अदालत की चौखट पर आमने-सामने खड़ा था।

    हाल के दिनों में रिश्तों में थोड़ी नरमी आने की बात जरूर कही जा रही थी, लेकिन क्या भीतर की दरारें सच में भर पाई थीं? यह सवाल अब और गहरा गया है।

    हत्या के बाद गहराया शक

    दिनदहाड़े स्कूटी सवार हमलावरों द्वारा की गई हत्या ने पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दे दी है। जब पत्नी साफ कह रही हैं कि अन्य किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, तो जांच की दिशा स्वाभाविक रूप से संपत्ति और लेन-देन के विवाद की ओर मुड़ रही है। क्या यह महज एक संयोग है कि जिनसे आर्थिक और कानूनी टकराव चल रहा था, उसी दौरान यह हत्या हो गई?

    पिता ने देश के लिए दिया बलिदान, बेटे की विवाद में गई जान

    अर्जुन शर्मा के पिता ने सेना में कर्नल रहते हुए जम्मू-कश्मीर में देश के लिए प्राणों का बलिदान दे दिया। जबकि, बेटा भी हिंसा का शिकार हो गया। लेकिन, बेटे की जान संपत्ति के विवाद में जाने की बात सामने आने से परिवार की प्रतिष्ठा पर भी आंच आई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच की बात कह रही है।

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