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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'अपनी सेना को जानिए' में बच्‍चों ने सीखा बंदूक चलाना

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Mon, 30 Jan 2017 06:30 AM (IST)

    देहरादून में दो दिवसीय सेना मेले के दौरान बच्‍चों से लेकर बड़ों में काफी उत्‍साह नजर आया। जहां बड़ों ने सेना की बारीकियों को जाना तो बच्‍चेे बंदूक से ...और पढ़ें

    'अपनी सेना को जानिए' में बच्‍चों ने सीखा बंदूक चलाना
    'अपनी सेना को जानिए' में बच्‍चों ने सीखा बंदूक चलाना

    देहरादून, [जेएनएन]: सेना व आमजन के बीच एक तरह का फासला रहा है। इसी दूरी को पाटने के लिए सेना 'अपनी सेना को जानिए' के माध्यम से लोगों के बीच पहुंची। गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड पर सेना मेले में क्या बच्चे और क्या बड़े, जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी। सैन्य अधिकारी और जवान उनसे सहज भाव से संवाद करते दिखे। शाम तक भी किसी के चेहरे पर ना थकान थी और ना ही झुंझलाहट।

    युवा वर्ग में सेना के प्रति आकर्षण पैदा करने और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए दून में दो दिवसीय सेना मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन गोल्डन की डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल एससी मोहंती ने किया।

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    उन्होंने बताया कि यह मेला आगन्तुकों में सेना के प्रति जागरूकता लाने के साथ ही उन्हें समझने में मदद करेगी। उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में यह मेला और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस राज्य में औसतन हर तीसरे परिवार से एक सदस्य सेना में है।

    युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित व प्रेरित करने का यह अच्छा तरीका है। इन आयोजन के अलावा सेना आउटरिच प्रोग्राम भी चला रही है। जिसमें सैन्य अफसर स्कूलों में जाकर भावी पीढ़ी में फौजी वर्दी की ललक जगाते हैं।

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    हथियार देख रोमांचित हुए बच्चे

    मेले में अत्याधुनिक तोप, टैंक व छोटे हथियारों के साथ ही रडार संचार प्रणाली भी प्रदर्शित की गई है। साथ ही सैन्य बैंड के डिसप्ले, खुंखरी डांस, गतका व अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी स्कूली बच्चों में जोश भरा। अत्याधुनिक हथियारों को करीब से देख वह रोमांचित हो उठे। उसकी मारक क्षमता और खूबियों की जानकारी ली।हरेक पहलू को करीब से जाना

    इस दौरान युवा पीढ़ी सेना के स्वर्णिम इतिहास से रूबरू हुई। उन्हें बताया गया कि युद्ध ही नहीं शांतिकाल में भी विभिन्न मोर्चों पर सेना ने लोहा लिया। आपदा से लेकर आंतरिक हालात काबू करने में भी मदद की। युवाओं को फौज में कॅरियर संबंधी जानकारी भी दी गई। जिसमें स्कूली बच्चों ने खासी रुचि दिखाई।

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    साहस और शौर्य को नमन

    सेना मेले में देशभक्ति के रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। साथ ही लाइफ स्टाइल, ऑटो मोबाइल्स, रियल इस्टेट और एजुकेशनल स्टॉल भी लगाए गए हैं। इसके अलावा शहर के तमाम बड़े संस्थानों के सहयोग से शहीदों के आश्रितों की पढ़ाई का खर्च और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    सेना मेले में यह है खास

    राकेट लांचर, इंसास रायफल, मल्टीपल ग्रेनेड लांचर, एंटी टैंक मिसाइल, रशियन स्नाइपर राइफलें, रशियन एम-46 गन,टी-70 टैंक, इंफेंट्री कांबेट व्हीकल, बीएमपी-2 और स्विज एमपी-9 गन, कंटेनरनुमा ऑपरेशन थियेटर आदि।

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