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    डिजिटल अरेस्ट: कॉल पर कहा- 'लालकिला बम ब्लास्ट से जुड़ा है आपका नाम', और की 15 लाख की साइबर ठगी

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:42 AM (IST)

    देहरादून में साइबर ठगों ने खुद को एनआईए और एटीएस अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को देशद्रोह व मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर ठगों ने खुद को नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआईए) और एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को देशद्रोह और मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 15 लाख रुपये की ठगी कर ली।

    पीड़ित की शिकायत पर डिजिटल अरेस्ट के इस मामले में पटेलनगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को पीड़ित के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीनियर इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह त्रिपाठी बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ एफआईआर संख्या 25/2025/एनआईए/डीआईएल दर्ज है और उसे एनआईए, पुणे में पेश होना होगा।

    'लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी से जुड़ा है आपका नाम'

    ठगों ने आरोप लगाया कि पीड़ित का नाम लालकिला बम ब्लास्ट के आरोपी डॉ. ताहिर से जुड़ा है और उसके खाते में दो लाख रुपये कमीशन के रूप में आए हैं। इसके बाद पीड़ित की ऑनलाइन बातचीत कथित एटीएस अधिकारी संदीप राव और डीआईजी विजय खन्ना से कराई गई।

    ठगों ने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति जब्ती के आदेश दिखाकर डराया तथा जांच में सहयोग करने के नाम पर सभी बैंक खातों, एससीएसएस और एफडी को भुनाने के लिए कहा। डर के कारण पीड़ित ने क्लेमेंटाउन डाकघर से 15 लाख रुपये निकालकर उसमें से 13 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक के

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    चांदीवली (महाराष्ट्र) स्थित एसके एंटरप्राइजेज के चालू खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पटेलनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है।

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