यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand: रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में शामिल हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को SIT ने दबोचा, अब तक 13 गिरफ्तार
Dehradun News कुंवरपाल ने जब अधिवक्ता कमल विरमानी के साथ मिलकर रजिस्ट्रियों का फर्जीवाड़ा करना शुरू किया तो उन्हें एक ऐसे एक्सपर्ट की तलाश थी जोकि सब ...और पढ़ें

HighLights
- मुजफ्फरनगर निवासी आरोपित अजय मोहन पालीवाल को एसआइटी ने वसंत विहार से किया गिरफ्तार
- अधिवक्ता विरमानी का मुंशी मुजफ्फरनगर जाकर आरोपित फर्जी रजिस्ट्रियों में करवाता था हस्ताक्षर
जागरण संवाददाता, देहरादून: रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में एसआइटी ने फर्जी रजिस्ट्री में शामिल हेंड राइटिंग एक्सपर्ट को गिरफ्तार कर लिया है। हेंड राइटिंग एक्सपर्ट आरोपित अजय मोहन पालीवाल निवासी आर्दश कालोनी, मुजफ्फरनगर यूपी, वर्तमान निवासी हरभजवाला, बसंत विहार को देहरादून से गिरफ्तार किया है।
अजय मोहन पालीवाल सहारनपुर के भूमाफिया केपी सिंह व अधिवक्ता कमल विरमानी का नजदीकी है, जोकि यूपी का मशहूर हेंड राइटिंग एक्सपर्ट है। पालीवाल ही फर्जी रजिस्ट्री पर हुबहू हस्ताक्षर करता था, जिन्हें जिल्द में लगाया जाता था। प्रकरण में यह 13वीं गिरफ्तारी है।
प्रकरण के मुख्य आरोपित कुंवरपाल, अधिवक्ता कमल विरमानी और इमरान की गिरफ्तारी के बाद जब एसआइटी ने आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेकर तीनों से पूछताछ की तो पता चला कि अजय मोहन पालीवाल ही रजिस्ट्रियों पर फर्जी हस्ताक्षर करता था। कुंवरपाल हेंड राइटिंग एक्सपर्ट पालीवाल को पहले से ही जानता था।

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कुंवरपाल ने जब अधिवक्ता कमल विरमानी के साथ मिलकर रजिस्ट्रियों का फर्जीवाड़ा करना शुरू किया तो उन्हें एक ऐसे एक्सपर्ट की तलाश थी जोकि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पड़ी पुरानी रजिस्ट्रियों में किए हुबहू हस्ताक्षर फर्जी रजिस्ट्रियों में कर सके। इसके लिए उन्होंने अजय मोहन पालीवाल से संपर्क किया।
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आरोपित पुराने स्टांप पर पुरानी रजिस्ट्रियों की नकल करते थे। इसके बाद कमल विरमानी के मुंशी रोहताश को फर्जी रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करवाने के लिए मुजफ्फरनगर भेजा जाता था। रोहताश आरोपित पालीवाल से हस्ताक्षर करवाने के लिए जाता था और हस्ताक्षर करवाकर लाता था।
इसके बाद फर्जी रजिस्ट्री उप रजिस्ट्रार कार्यालय की जिल्द में लगाकर वहां से असली रजिस्ट्री बाहर निकाली जाती थी। बीते दिनों अधिवक्ता कमल विरमानी की जमानत पर सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने भी इस बात का जिक्र किया था।
फारेंसिक साइंस से एमएससी पास है अजय मोहन
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया आरोपित अजय मोहन पालीवाल फारेंसिक साइंस से एमएससी पास है। वह हेंडराइटिंग एक्सपर्ट के तौर पर अपनी रिपोर्ट देता था। कुंवरपाल के साथ मिलकर उसने फर्जी रजिस्ट्री में भी हस्ताक्षर करने शुरू कर दिए। सूत्रों की मानें तो आरोपित ने सहारनपुर में भी कुछ फर्जी रजिस्ट्रियों में हस्ताक्षर किए हैं। पुलिस आरोपित से जानकारी हासिल कर रही है कि अब तक वह कितनी रजिस्ट्रियों में हस्ताक्षर कर चुका है।
पूर्व में यह आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
प्रकरण में अब तक संतोष अग्रवाल, दीप चंद अग्रवाल, मक्खन सिंह, डालचंद, अधिवक्ता इमरान अहमद, अजय सिंह क्षेत्री, रोहताश सिंह, विकास पांडे, सहारनपुर का भूमाफिया कुंवरपाल उर्फ केपी, अधिवक्ता कमल विरमानी, विशाल कुमार, सहारनपुर निवासी महेश चंद्र और अजय मोहन पालीवाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपित वर्तमान में सुद्धोवाला जेल में बंद हैं।