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देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को, चातुर्मास की शुरुआत से थमेंगे मांगलिक कार्य

Published: Tue, 21 Jul 2026 04:30 PM (IST)

25 जुलाई को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी, जिससे चातुर्मास का शुभारंभ होगा। इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं, और मांगलिक कार्य चार माह के लिए रुक जाते हैं।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी, हरि शयनी एकादशी के रूप में मनेगी

  2. इस दिन से चातुर्मास का शुभारंभ, मांगलिक कार्य चार माह रुकेंगे

  3. शालिग्राम पूजन, विष्णु सहस्रनाम पाठ और मंत्र जप विशेष फलदायी

जागरण संवाददाता, देहरादून। आगामी 25 जुलाई शनिवार को देवशयनी एकादशी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी।

इसे हरि शयनी एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह अषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है और इसी दिन से चातुर्मास का शुभारंभ होता है।

देवशयन से थमेंगे मांगलिक कार्य

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु इस दिन क्षीरसागर में चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।

इस अवधि में विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते और श्रद्धालु पूजा, जप, तप तथा धार्मिक अनुष्ठानों में अधिक समय व्यतीत करते हैं।

शालिग्राम पूजन से मिलेगा विशेष पुण्य

गायत्री चेतना केंद्र, बड़ोवाला के सुदर्शन ने बताया कि देवशयनी एकादशी के दिन शालिग्राम का गंगाजल और तुलसी से अभिषेक कर पीले वस्त्र अर्पित करने, फल-फूल व मेवा का भोग लगाने तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" एवं "ॐ नमो नारायणाय" मंत्र का जप करना विशेष फलदायी माना गया है।

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