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    देहरादून में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, प्रभारी BEO को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 06:30 AM (IST)

    विजिलेंस ने डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह रिश्वत गरीब बच्चों की शिक्षा ...और पढ़ें

    गिरफ्तार शिक्षा अधिकारी

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार से मिलने वाली आरटीई प्रतिपूर्ति राशि में रिश्वतखोरी के खेल का राजफाश करते हुए विजिलेंस ने डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धनवीर सिंह बिष्ट को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस खेल में ऋषिकेश की एक निजी स्कूल संचालिका पुष्पांजलि भी शामिल मिलीं। उसे बिचौलिया बनाकर रकम ली जा रही थी।

    विजिलेंस के अनुसार, ऋषिकेश स्थित गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल के आरटीई बिलों का भुगतान लंबे समय से लंबित था। आरोप है कि भुगतान जारी करने के बदले बीईओ ने रिश्वत की मांग की और सीधे रकम लेने के बजाय गुमानीवाला स्थित उत्तरांचल माडर्न स्कूल की संचालिका पुष्पांजलि को बिचौलिया बनाया।

    शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से संपर्क कर बताया कि आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति रोककर दबाव बनाया जा रहा है। विजिलेंस ने बुधवार को ट्रैप बिछाया और तय स्थान पर एक लाख रुपये लेते ही बीईओ धनवीर सिंह बिष्ट और पुष्पांजलि को दबोच लिया।

    दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि आरटीई भुगतान के नाम पर कहीं और भी इसी तरह वसूली तो नहीं की गई।

    पारदर्शिता व जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता

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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई और ट्रैप आपरेशन इसी दिशा का हिस्सा हैं। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को संरक्षण नहीं मिलेगा।

    भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डोईवाला में रिश्वत लेते उप शिक्षा अधिकारी की गिरफ्तारी इसी नीति का जमीन पर असर है। सरकार का फोकस है कि योजनाओं का लाभ बिना अवरोध और बिना रिश्वत आमजन तक पहुंचे।

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