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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    इस कारण बदलती है मकर संक्रांति की तिथि, राशिफल देख करें दान

    By BhanuEdited By:
    Updated: Sun, 14 Jan 2018 09:01 PM (IST)

    कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर कुछ उलझनें हुई हैं। इस साल भी ज्योतिषों में मतभेद नजर आ रहा है। इसका कारण खगोलीय घटना है। इस द ...और पढ़ें

    इस कारण बदलती है मकर संक्रांति की तिथि, राशिफल देख करें दान
    इस कारण बदलती है मकर संक्रांति की तिथि, राशिफल देख करें दान

    देहरादून, [जेएनएन]: मकर संक्रांति का त्योहार हर साल सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। बीते कुछ वर्षों से मकर संक्रांति की तिथि और पुण्यकाल को लेकर कुछ उलझनें हुई हैं। इस साल भी ज्योतिषों में मतभेद नजर आ रहा है। कुछ मकर संक्रांति 14 तो कुछ 15 जनवरी को मनाने की बात कह रहे है। आइए देखें कि यह उलझन की स्थिति क्यों बनी है।

    दरअसल, इस उलझन के पीछे खगोलीय गणना है। गणना के अनुसार हर साल सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश करने का समय करीब 20 मिनट बढ़ जाता है। ऐसा उल्लेख मिलता है कि मुगल काल में अकबर के शासन काल के दौरान मकर संक्रांति 10 जनवरी को मनाई जाती थी। अब सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का समय 14 और 15 के बीच में होने लगा, इसके पीछे संक्रमण काल का होना है। 

    साल 2012 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 15 जनवरी को हुआ था, इसलिए मकर सक्रांति का त्योहार इस दिन मनाया गया। आने वाले कुछ वर्षों में मकर संक्रांति हर साल 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी, ऐसी ज्योतिष गणना कहती है। 

    इतना ही नहीं करीब 5000 साल बाद मकर संक्रांति फरवरी के अंतिम सप्ताह में मनाई जाने लगेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर होगा। 

    देवी पुराण के अनुसार, सक्रांति से पहले और बाद के 15 घंटे तक का समय पुण्यकाल होता है। 14 तारीख की दोपहर में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की स्थिति में साल 2018 में मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। 

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    इसका पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होगा जो बहुत ही शुभ संयोग है। इसके पीछे का कारण पुण्यकाल का लाभ है, जो पूरे दिन रहेगा। लेकिन 15 जनवरी को उदया तिथि के कारण भी मकर संक्रांति कई जगह मनाई जाएगी। 

    इस दिन मकर राशि में सूर्योदय होने के कारण करीब ढाई घंटे तक सक्रांति के पुण्यकाल का दान-पुण्य करना भी शुभ रहेगा। इसलिए इस साल प्रयाग माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान 14 और 15 जनवरी, दोनों दिन रहेगा। 

    मकर सक्रांति पर राशिफल

    मेष: जल में पीले पुष्प, हल्दी, तिल मिलाकर अघ्र्य दें। तिल-गुड़ का दान दें। इससे उच्च पद की प्राप्ति होगी। 

    वृषभ: जल में सफेद चंदन, दुग्ध, श्वेत पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अघ्र्य दें। बड़ी जिम्मेदारी मिलने के योग बनेंगे। 

    मिथुन: जल में तिल, दूर्वा, पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। गाय को हरा चारा दें। ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी।

    कर्क: जल में दुग्ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। कलह-संघर्ष, व्यवधानों पर विराम लगेगा। 

    सिंह: जल में कुमकुम, पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घय दें। तिल, गुड़, गेहूं, सोना दान दें। उपलब्धि मिलेगी। 

    कन्या: जल में तिल, दूर्वा, पुष्प डालकर सूर्य को अर्घय दें। मूंग की दाल भी दान में दें। शुभ समाचार मिलेंगे।

    तुला: सफेद चंदन, दुग्ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। व्यवसाय में बाहरी संबंधों से लाभ मिलेगा।

    वृश्चिक : जल में कुमकुम, पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। गुड़ का दान दें। विदेशी कार्यों में लाभ होगा। 

    धनु: जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प व तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। शत्रु परास्त होंगे, सफलता मिलेगी। 

    मकर: जल में नीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। गरीब एवं दिव्यांगों को भोजन दान दें। अधिकार प्राप्ति होगी। 

    कुंभ: जल में नीले पुष्प, उड़द की दाल, सरसों का तेल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। विरोधी परास्त होंगे। 

    मीन: हल्दी, केसर, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घय दें। सरसों, केसर का दान दें। सम्मान, यश बढ़ेगा।

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