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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान की शातिर महिला ठग डिंगला सहित गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार

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Updated: Thu, 16 May 2019 11:49 AM (IST)

राजस्थान की शातिर ठग डिंगला चार सदस्यों के साथ आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। राजस्थान के इस गैंग ने दिल्ली में ठिकाना बना रखा था और आसपास के राज्यों में ठगी करता था।

राजस्थान की शातिर महिला ठग डिंगला सहित गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार
राजस्थान की शातिर महिला ठग डिंगला सहित गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार

देहरादून, जेएनएन। राजस्थान की शातिर ठग डिंगला चार सदस्यों के साथ आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई। राजस्थान के इस गैंग ने दिल्ली में ठिकाना बना रखा था और आसपास के राज्यों में ठगी की वारदात को अंजाम देकर वहां भाग जाते थे। इस गिरोह ने बीते दिनों हरिद्वार रोड पर वृद्ध महिला से सोने की चेन ठग ली थी, जिसमें बीती 12 मई को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। 

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि शांति बिष्ट निवासी हरिद्वार रोड से ईजी डे पास ठगी हुई थी। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक कार दिखी, जिसमें तीन युवतियां बैठती दिखीं। कार के पंजीकरण और उसके हरिद्वार से निकलने के रूट का परीक्षण किया गया तो पता चला कि इस तरह के अपराध करने वाले शातिर दिल्ली के रघुवीरनगर और सुल्तानपुरी में रहते हैं।

वहां छापा मारा गया तो गाड़ी समेत सभी आरोपित पकड़ लिए गए। पकड़े आरोपितों की पहचान आरती उर्फ अन्नू उर्फ डिंगला पत्‍‌नी दीपक व उसकी बहन किरण पत्‍‌नी श्याम निवासी 296/97 डी ब्लॉक सुल्तानपुरी, नई दिल्ली, करण सांखला पुत्र क्रांति सांखला निवासी ग्राम सरदना, जिला अजमेर, राजस्थान व राजकुमार गोला पुत्र चुन्नी लाल निवासी 222 प्रकाशनगर तहसील कैंप, पानीपत, हरियाणा के रूप में हुई। कार राजकुमार की है और वही सब को लेकर वारदात वाली जगह पहुंचता है। 

कई राज्यों की पुलिस को थी तलाश 

डिंगला गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन, हरियाणा के करनाल, सोनीपत, पानीपत व हिमाचल के पांवटा के अलावा उत्तराखंड में हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून में घटनाओं को अंजाम दे चुका है। 

ऐसे बनाया डिंगला गैंग 

पूछताछ में पता चला कि डिंगला मूलरूप से राजस्थान की रहने वाली है। उसका पति दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। दिल्ली में रहने के दौरान कुछ गुजराती लोगों के संपर्क में आई और ठगी के तरीके सीखे। पारंगत होने के बाद अपनी बहन किरण और मुंहबोले भाई करण को साथ मिला लिया। 

आने-जाने के लिए गाड़ी के बंदोबस्त के लिए परिचित राजकुमार को गैंग में शामिल कर लिया। डिंगला ने बताया कि वह बुजुर्ग लोगों को ही बातों में उलझाकर ठग लेते थे।

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