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    जीएसटी घटने से उत्तराखंड रोडवेज को बड़ी राहत, 100 के बदले अब मिलेंगी 109 नई बसें

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 11:12 AM (GMT+05:30)

    केंद्र सरकार द्वारा बसों पर जीएसटी घटाने से उत्तराखंड परिवहन निगम को बड़ी राहत मिली है। 40 करोड़ रुपये के बजट में पहले 100 बसें खरीदी जा रही थीं, अब 1 ...और पढ़ें

    लंबे समय से घाटे में चल रहे निगम को मिलेगा आर्थिक बल, पर्वतीय मार्गों पर बढ़ेगी बस सेवा। फाइल फोटो

    लंबे समय से घाटे में चल रहे निगम को मिलेगा आर्थिक बल, पर्वतीय मार्गों पर बढ़ेगी बस सेवा। फाइल फोटो

    HighLights

    1. जीएसटी घटने से निगम को 3.50 करोड़ की बचत हुई

    2. 40 करोड़ में अब 100 की जगह 109 बसें मिलेंगी

    3. पर्वतीय मार्गों पर बस सेवाओं में सुधार होगा

    अंकुर अग्रवाल, देहरादून। केंद्र सरकार की ओर से वाहनों की खरीद पर जीएसटी दरों में की गई कटौती उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। पिछले वर्ष नवरात्र के पहले दिन यानी 21 सितंबर को केंद्र सरकार की ओर से बसों पर लागू 28 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था।

    इस निर्णय का सीधा और ठोस असर निगम की नई बसों की खरीद पर नजर आ रहा है। जिस बजट में निगम ने 100 नई बसें खरीदने का आर्डर दिया था, अब उसी धनराशि से 109 बसें खरीदी जा सकेंगी। यानी सीधे नौ बसों का अतिरिक्त लाभ निगम की झोली में आया है।

    उत्तराखंड परिवहन निगम पिछले कई वर्षों से करोड़ों रुपये के परिचालन घाटे में चल रहा है। बढ़ती डीजल कीमतें, स्पेयर पार्ट्स के महंगे रखरखाव, और पुरानी बसों के कारण बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों ने निगम पर दबाव बढ़ाया हुआ था। ऐसे में जीएसटी में कटौती से प्रति बस लागत में हुई कमी निगम के लिए एक आर्थिक संजीवनी बनकर आई है।

    दरअसल, निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती नई बसें खरीदना रहता है। बीते कुछ वर्षों में दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने पर बीएस-4 व बीएस-3 श्रेणी की बसों पर प्रतिबंध के दौरान भी निगम का संचालन प्रभावित हुआ था। वहीं, कई पहाड़ी मार्गों पर मौजूदा बसें पुरानी होने के कारण अक्सर खराब हो जाती थीं, जिसका असर सीधा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर पड़ता था। नई बसों की उपलब्धता इन चुनौतियों को कम करेगी।

    40 करोड़ में दिया था 100 बसों का टेंडर

    परिवहन निगम ने पिछले वर्ष करीब 40 करोड़ रुपये का ऋण लेकर टाटा कंपनी को 100 नई बसों की खरीद का आर्डर दिया था। एक बस 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ करीब 39 लाख रुपये की पड़ रही थी, लेकिन इसी बीच केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में 10 प्रतिशत कटौती कर दी। चूंकि, बसों की डिलीवरी इस आदेश के बाद हुई, ऐसे में परिवहन निगम को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की बचत हो गई।

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    पर्वतीय मार्गों पर सेवाएं होंगी मजबूत

    अतिरिक्त नौ बसें मिलना सिर्फ संख्या बढ़ने भर का लाभ नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव पर्वतीय मार्गों पर संचालित सेवाओं में भी दिखेगा। पर्वतीय जिलों पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर में लंबे समय से बसों की कमी की शिकायतें मिलती रही हैं। नई बसों के शामिल होने से ग्राम व कस्बों को जोड़ने वाले दुर्गम रूटों पर नियमितता बढ़ेगी। वहीं, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, किच्छा, रुद्रपुर व कोटद्वार जैसे मैदानी स्थलों से पर्वतीय स्थलों पर सीधी बस सेवा भी संचालित हो सकेगी।

    केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी दरों में की गई कटौती से निगम को बड़ी राहत मिली है। जिस धनराशि में पहले 100 नई बसें खरीदी जा रही थी, अब उसी धनराशि में 109 बसें आएंगी। अतिरिक्त नौ बसों की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। नई बसों के आने से इंटरसिटी और इंटरस्टेट सेवाओं को भी गति मिलेगी, जिससे राजस्व वृद्धि की उम्मीद है। -रीना जोशी, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड परिवहन निगम


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